जिले में संचालित अधिकांश नर्सिंग होम में बिना प्रशिक्षित चिकित्सकों के आपरेशन से लेकर ब्लड चढ़ाने तक की सुविधा है। एक यूनिट ब्लड चढ़ाने के बदले मरीजों से पांच हजार रुपये तक वसूले जाते हैं। इसका खुलासा गुरुवार को दिव्यराज नर्सिंग होम में मिली महिलाओं ने किया।
बुधवार को डीएम लोकेश एम के निर्देश पर सीएमओ डा. केके शर्मा और एसडीएम सदर गजेंद्र सिंह की टीम ने दिव्यराज नर्सिंग होम में छापा मारा था। वहां भर्ती गायत्री (25) निवासी पुड़री थाना एलाऊ को टीम ने महिला अस्पताल में भर्ती कराया। प्रसव के दौरान ही उसके बच्चे की मौत हो गई थी। उसने बताया कि उसे नर्सिंग होम में डिलीवरी के बाद कहा गया कि बच्चा मरा हुआ पैदा हुआ है। इसके बाद अस्पताल के स्टाफ ने बच्चे के शव को ठिकाने तक लगा दिया। महिला अस्पताल में भर्ती के बाद उसकी हालत में सुधार हुआ है। इसी नर्सिंग होम से ही महिला अस्पताल में भर्ती कराई गई दूसरी महिला पिंकी (22) निवासी किशनपुर थाना कुरावली औैर उसकी नवजात पुत्री की हालत में भी सुधार है। सीएमएस डा. निम्मी बेगम ने बताया कि दोनों महिलाओं का उपचार की व्यवस्था की गई है। जिले में कोई प्राइवेट ब्लड बैंक नहीं है। जिला अस्पताल में ही एकमात्र ब्लड बैंक है। वहां से खून लेेने के लिए मरीज और तीमारदारों को तमाम औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ती हैं। एक यूनिट ब्लड लेनेे के लिए एक यूनिट ब्लड देना पड़ता है। डोनर कार्ड होने पर निशुल्क एक यूनिट ब्लड मिल जाता है। निजी नर्सिंग होम संचालक कहां से खून की व्यवस्था करते हैं यह जांच का विषय है।
बिना महिला डाक्टर के कर दिया आपरेशन
किशनपुर निवासी विकलांग पिंकी के पति योगेश से डिलीवरी कराने के लिए 20 हजार जमा कराए गए थे। सीजेरियन महिला डाक्टर ने नहीं उसके एतराज करने के बाद भी पुरूष ने किया था। बाद में खून की कमी बताकर खून भी चढ़ाया गया था।
अशिक्षा या दलालों की पकड़
गायत्री और पिंकी कम पढ़ी लिखी हैं। इस कारण उनको सरकारी सुविधाओं की जानकारी नहीं है। पिंकी को उसके एक परिचित और गायत्री को इमरजेंसी में मिले एक दलाल ने ही दिव्यराज नर्सिंग होम में भर्ती कराया था। उनको यह भी नहीं मालूम कि हालत खराब होने पर सरकारी एंबुलेंस से अस्पताल ले जाने की कोई व्यवस्था है।
सीएमओ ने नर्सों के आवास पर मारा छापा
कु रावली। सीएमओ ने गुरुवार को नर्सों के घरों पर छापा मारा। आवास के पास ग्लव्ज सीरिंज, पाउच मिलने पर नाराजगी जताई। उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पर कस्बे के लोगों ने डीएम से सीएचसी परिसर में निवास कर रहीं नर्सों द्वारा असंवैधानिक रूप से प्रसव करने और मनमानी धनराशि वसूले जाने की शिकायत की थी। सीएमओ ने नर्सेज को चेतावनी दी कि असंवैधानिक प्रसव कराने पर नर्सों की सेवाएं समाप्त कर दी जाएंगी।
पैथोलॉजी संचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग
गांव अजीतगंज निवासी द्विजेंद्र मिश्रा ने डीएम से शिकायत की पत्नी रितू मिश्रा आठ माह की गर्भवती है। पांच जून को उत्तम नर्सिंग होम ले गए। यहां महिला चिकित्सक की सलाह पर हेपेटाइटिस-सी की जांच कराने को कहा, एक पैथोलॉजी पर जांच कराई तो रिपोर्ट नेगेटिव मिली। इसके बाद चिकित्सक ने लाल पैथोलॉजी दिल्ली से जांच कराने को कहा तो वहां की रिपोर्ट पाजीटिव आई। अलग-अलग पैथॉलोजी की जांच रिपोर्ट अलग आने से चिकित्सक भी परेशान हैं।
झोलाछाप को थाने से मिली जमानत
बुधवार को नर्सिंग होम की छापामार कार्रवाई में पकडे़ गए दो चिकित्सकों को गुरुवार को थाने से जमानत दे दी गई। एसडीएम गजेंद्र कुमार ने स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ क्लीनिकों पर छापामार कार्रवाई की थी। नर्सिंग होम से पकडे़ संचालक राज और राकेश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी लेकिन गुरुवार को दोनों को थाने से ही जमानत दे दी गई। जबकि ऐसे मामलों में सात साल से कम की सजा का प्रावधान है। ऐसे मामलों में थाने से जमानत दी जा सकती है। इसी के तहत दोनों को जमानत दी गई है।