एक करोड़ किसानों का बकाया, मिले साठ लाख
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गेहूं खरीद के लिए धनराशि जारी करने के मामले में शासन पड़ोसी जिलों पर अधिक मेहरबान रहा है। तीन करोड़ की डिमांड शासन से की गई थी लेकिन मिले मात्र साठ लाख रुपये हैं। एक करोड़ से अधिक रुपया किसानों का बकाया है। ऐसे में यह साठ लाख भी बकाया भुगतान में चले जाएंगे। अधिकारियों ने और पैसा जारी करने के लिए शासन को पत्र लिखा है, ताकि किसानों को गेहूं खरीद का भुगतान कर सके।
जिले में एक अप्रैल से गेहूं खरीद की प्रक्रिया शुरू हुई थी। मैनपुरी को 4.5 लाख क्विंटल गेहूं खरीद करने का लक्ष्य मिला है। इसके लिए शासन ने शासन जिले को मात्र 60 लाख रुपये आवंटित किए हैं, जो लक्ष्य की तुलना में काफी कम हैं। वहीं मैनपुरी के पड़ोसी जिले फर्रुखाबाद, एटा, इटावा और औरैया को खरीद का लक्ष्य कम मिलने के बावजूद अधिक धन आवंटित किया गया। शासन से धन कम आने के चलते जिले में गेहूं खरीद प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही है। इसके चलते उत्तर प्रदेश सहकारी संघ उपमहाप्रबंधक (वित्त) को इसी संस्था के जिला प्रबंधक रामरतन यादव ने पत्र लिखकर और अधिक धन की मांग की है। इसमें उन्होंने पर्याप्त पैसा न होने के चलते खरीद प्रक्रिया प्रभावित होने की बात कहते हुए शीघ्र 240 लाख रुपये जिला स्तर पर भिजवाने की मांग की है।
किसानों का है 110.51 लाख रुपये बकाया
जिला प्रबंधक रामरतन यादव ने लिखा है कि पैसा न होने के चलते जिले में गेहूं खरीदने के बाद बड़ी संख्या में किसानों का 110.51 लाख रुपया बकाया है। शासन से धनराशि आने पर ही किसानों को भुगतान किया जा सकेगा।
मांगे तीन करोड़ , 60 लाख मिले
पत्र में जिला प्रबंधक ने लिखा कि जिले में गेहूं खरीद के कार्य को सुचारु रूप से चलाने के लिए तीन करोड़ रुपये की मांग की गई थी। लेकिन जिले को मात्र 60 लाख रुपया ही मिला है। उपमहाप्रबंधक पर धन के आवंटन में भेदभाव का भी आरोप लगाया।
किस जिले को कितना लक्ष्य, कितना मिला पैसा
जिला लक्ष्य जारी धनराशि
एटा 4.50 81
इटावा 4 160
फर्रुखाबाद 5 200
औरैया 4 115
मैनपुरी 4.5 60