विद्यालय खुले चार माह बीत गए लेकिन अभी तक परिषदीय स्कूलों में यूनिफार्म नहीं बांटी गई। कुछ छात्र तो पिछले सत्र की यूनिफार्म पहनकर विद्यालय पहुंच रहे हैं। स्वतंत्रता दिवस पर भी छात्र पुरानी या बिना यूनिफार्म पहने नजर आएंगे। कारण अभी तक प्रधानाध्यापकों के खातों में यूनिफार्म की धनराशि नहीं पहुंचना है।
सर्वशिक्षा अभियान के तहत परिषदीय और सहायता प्राप्त विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को दो-दो निशुल्क यूनिफार्म वितरण के लिए प्रति छात्र-छात्राओं को चार सौ रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई जाती है। सितंबर तक के नामांकन के आधार पर छात्रों को यूनिफार्म दी जानी थी। एक जुलाई तक विद्यालय प्रबंध समिति के खातों में धनराशि उपलब्ध कराने के निर्देश बेसिक शिक्षा सचिव ने दिए थे। जट भी आ गया है लेकिन धनराशि प्रधानाध्यापकों के खातों में नहीं पहुंची है।
जबकि शिक्षा सत्र शुरू हुए एक माह बीत चुका है। ऐसे में छात्र 15 अगस्त को भी बिना यूनिफार्म के नजर आएंगे। गौरतलब है कि पिछले वर्ष भी यूनिफार्म वितरण काफी देरी से शुरू हुआ था।
4.19 करोड़ रुपये शासन ने भेजे
विभाग ने छह करोड़ 84 लाख रुपये का प्रस्ताव यूनिफार्म के लिए शासन को भेजा था। यह स्वीकृत हो गया है। शासन ने 75 प्रतिशत धनराशि के हिसाब से 4.19 करोड़ रुपये विभाग को भेज दिए हैं। इस धनराशि से 1.40 लाख बच्चों को यूनिफार्म दी जाएगी।
बजट स्वीकृत हो गया है। विभाग बैंक के जरिए सभी प्रधानाध्यापकों को राशि भेज जा रहा है। शीघ्र ही बजट खाते में पहुंच जाएगा। इसके बाद छात्रों को यूनिफार्म मिल जाएगी।
- रामकरन यादव, बीएसए