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नर्सिंग छात्रा की मौत का मामला गर्माया: दफन शव निकालकर मुख्यालय पहुंचे परिजन, दोबारा पोस्टमार्टम की मांग

Sat, 31 Oct 2026 10:40 AM IST
Arun Parashar संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद/मैनपुरी

सार

यूपी के फिरोजाबाद जिले में नर्सिंग छात्रा का शव रेलवे ट्रैक पर मिला था। परिजन ने दुष्कर्म के बाद हत्या का आरोप लगाया था। कार्रवाई की मांग पर अड़े थे।अधिकारियों के समझाने पर परिजन छात्रा के शव के अंतिम संस्कार के लिए माने थे। शनिवार को परिजन ने जेसीबी की मदद से शव बाहर निकलवाया। शव को लेकर फिरोजाबाद पहुंच गए। 
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दफन शव निकालकर मुख्यालय पहुंचे परिजन। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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फिरोजाबाद नर्सिंग कॉलेज की जीएनएम प्रथम वर्ष की छात्रा की मौत के मामले ने शनिवार को फिर तूल पकड़ लिया। मैनपुरी के गांव में दफनाए गए शव को क्रब से निकालकर परिजन कार में रखकर फिरोजाबाद जिला मुख्यालय पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस ने जैसे-तैसे समझा-बुझाकर शव को गांव भिजवाकर दोबारा दफन करवाया लेकिन परिजन, रिश्तेदार और समर्थक कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार पर देर शाम तक धरने पर बैठे रहे।
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नवजागृति कठेरिया धानुक समाज महासंघ के पदाधिकारियों के साथ प्रदर्शन कर रहे परिजनों ने मांग रखी कि कॉलेज प्राचार्य और बेटे की गिरफ्तारी हो और दूसरे जिले के डॉक्टरों के पैनल से दोबारा शव का पोस्टमार्टम कराया जाए। मुकदमे की विवेचना वर्तमान थाना पुलिस से हटाकर किसी निष्पक्ष एजेंसी को सौंपी जाए। कॉलेज की मान्यता तत्काल प्रभाव से रद्द कर पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।

 
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साथ ही मृतका के गांव की एक अन्य बच्ची को सकुशल उसके परिवार के सुपुर्द किया जाए। लापरवाही बरतने पर एसओ मटसैना को बर्खास्त किया जाए और कॉलेज की भूमि व निर्माण के अवैध होने की निष्पक्ष जांच कराई जाए।


 

यह है मामला
28 अक्तूबर की सुबह मैनपुरी निवासी 22 वर्षीय छात्रा का शव कॉलेज से करीब 300 मीटर दूर रेलवे लाइन पर मिला था। पुलिस ने शुरुआती जांच में सीसीटीवी फुटेज व ट्रेन पायलट के बयानों के आधार पर इसे 27 अक्तूबर की रात महाबोधि एक्सप्रेस के आगे आकर आत्महत्या बताया था। वहीं, परिवार ने दुष्कर्म की कोशिश और हत्या का आरोप लगाया था। 29 को मृतका के भाई की तहरीर पर पुलिस ने कॉलेज के प्राचार्य सुरेंद्र दक्ष और उसके बेटे यश दक्ष के खिलाफ दुष्कर्म के प्रयास, हत्या और एससी-एसटी एक्ट की गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की थी। 

 
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इसके बाद पोस्टमार्टम हुआ था और उसी दिन देर शाम शव पुलिस की मौजूदगी में गांव में दफन कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से पुलिस की भूमिका संदिग्ध प्रतीत हो रही है। परिजनों ने यह भी मांग रखी कि पूर्व में हुए पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी को सार्वजनिक किया जाए।

पुलिस ने परिजनों की तहरीर पर पूर्व में ही प्राथमिकी दर्ज कर ली है जिसमें जांच की जा रही है। पीड़ित परिवार पुलिस को विवेचना में मदद करे और कानून अपने हाथ में न ले। -रविशंकर प्रसाद, एसपी सिटी, फिरोजाबाद


 
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