बैंकों में नही सुधर रहे हालात, लोग हो रहे परेशान
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21 दिन गुजरने के बाद भी हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। जैसे जैसे दिन गुजर रहे हैं लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। बुधवार को भी लोग शहर से लेकर देहात तक कैश के लिए परेशान रहे। जिस बैंक या एटीएम में कैश था वहां पर लंबी लाइन लगी रहीं।
नोटबंदी के बाद बैंकों में फैली अव्यवस्था से आम जनमानस बुरी तरह से परेशान है बैंकों में लंबी लाइन के बाद खाताधारकों को केवल दो हजार की धनराशि ही मिल रही है। बैंक कर्मचारी नकदी कम आने का रोना रोकर बात को टाल रहे हैं। शहर में एसबीआई बैंक और उसके एटीएम पर लंबी लाइन लगी रहीं। वहीं सिंडीकेट बैंक, आईडीबीआई बैंक समेत तमाम बैंकों में कैश न होने के चलते लोग परेशान रहे।
बेवर के ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त में तीन दिन बाद मिला पांच लाख का कैश ऊंट के मुंह में जीरा साबित हुआ। बैंक प्रशासन ने सभी को खुश करने के लिए दो दो हजार देना शुरू किया। जब लोगों ने ज्यादा रकम निकालने को कहा तो बैंक में 4500 की निकासी होने पर एक दो हजार का नोट और ढाई हजार की नकदी दे दी गई। कस्बा बेवर की असगरी ने बताया कि उनके पुत्र की शादी थी। बैंक में बराबर गईं लेकिन पैसा नहीं मिल पाया। अब कुछ लोगों का उधार चुकाना है लेकिन रुपया नहीं निकल पा रहा है। कई लोगों को बैंक की तरफ से दी जाने वाली चिल्लड़ ले जाने में परेशानी हुई। इसी प्रकार स्टेट बैंक और बैंक ऑफ इंडिया में भी लोगों को मांग के अनुरूप रुपया नहीं मिल पा रहा है।
ग्रामीण बैंक शाखा प्रबंधक ग्रीश चंद्र शर्मा ने बताया कि तीन दिन बाद पांच लाख मिला है सभी को कम से कम दो हजार की निकासी कर पैसा दिया जा रहा है।