student colour DAV pG college with Alms money
कन्या विद्याधन योजना भले ही शासन की प्राथमिकता वाली हो, लेकिन स्कूल संचालक इसको पलीता लगाने में लगे हैं। निर्धारित तिथि बीतने के बाद भी अभी तक जिले के 154 स्कूलों में से मात्र 12 स्कूलों ने ही छात्राओं की सत्यापन सूची कार्यालय को भेजी है। वहीं शासन ने 16 से 17 अगस्त तक कन्या विद्याधन के चेक देने का आदेश जारी कर दिया है। इसके चलते अधिकारियों और बाबुओं के हाथ पैर फूल गए हैं। कार्यालय में डीआईओएस से लेकर बाबू तक स्कूल संचालकों को फोन करते नजर आए।
उल्लेखनीय है कि जिले की 1075 छात्राओं को कन्या विद्याधन देने का लक्ष्य शासन ने भेजा है। प्रत्येक छात्रा को कन्या विद्याधन के रूप में 30 हजार रुपये दिए जाएंगे। ताकि यह छात्राएं अपनी आगे की पढ़ाई जारी रख सकें । इसके लिए शासन ने जिले की पात्र छात्राओं की सूची सत्यापन के लिए डीआईओएस कार्यालय भेजी। सूची तो सभी कालेज संचालक ले गए लेकिन अभी तक 12 कालेजों को छोड़ 142 कालेजों ने अभी तक सत्यापन कर सूची वापस नहीं भेजी है। वहीं शासन ने उक्त कन्याओं को 16 से 17 अगस्त के बीच में कन्या विद्याधन के चेक देने के आदेश दिए हैं।
बुधवार को डीआईअेाएस आरपी यादव सहित सभी लिपिक व कर्मचारी सभी लोग कालेज संचालकों को फोन बजाते दिखे। डीआईओएस ने सभी से कहा कि 11 अगस्त तक सभी सत्यापन कर सूची जमा करादें। अन्यथा की स्थिति में विभागी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।