यातायात अव्यवस्था के चलते सुबह से ही शहर में जाम के हालात बन गए। चौराहों सहित मुख्य बाजार में जाम से लोगों को घंटों तक जूझना पड़ा। यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के लिए पुलिस और ट्रैफिक कर्मी कहीं नजर नहीं आए।
नो एंट्री में भारी वाहनों का प्रवेश और बिजली विभाग की अंडरग्राउंड केबल बिछाने के लिए खोद गए गड्ढे जाम का कारण बन रहे हैं। बुधवार सुबह से ही शहर के मुख्य बाजार सहित विभिन्न चौराहों पर जाम के हालात बन गए। जाम के बीच से निकलने के लिए वाहन सवार तथा पैदल लोगों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। विभिन्न चौराहों पर तैनात पुलिस और ट्रैफिककर्मी जाम के दौरान कहीं नजर नहीं आए। क्रिश्चियन तिराहे से सुबह करीब 11 बजे से शुरू हुए जाम से सदर बाजार, संता बसंता चौराहा, बड़ा चौराहा, कृष्णा टाकीज रोड, घंटाघर चौराहा, लेनगंज में लगभग तीन घंटे तक जाम के हालात रहे।
दोपहर में स्कूलों की छुट्टी हुई तो साइकिल सहित स्कूटी और बाइक सवार छात्र छात्राएं भी जाम में फंस गए। जाम में फंसे लोग जाम के बीच से निकलने के लिए मशक्कत करते रहे। इसी बीच कचेहरी रोड से दो जीप भी सदर बाजार में आ गई। जिसकी वजह से जाम में फंसे लोग तीन घंटे तक परेशान रहे। स्थानीय दुकानदार संतोष गुप्ता, मनीष गुप्ता, गुंजन जैन, सुनील वर्मा, सुशील जैन, शरदचंद्र गुप्ता, प्रमोद जैन, दीपक यादव, सुरेंद्र यादव आदि का कहना है यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए चौराहों पर तैनात पुलिस और ट्रैफिककर्मी नो एंट्री में वाहनों का प्रवेश करा देते हैं। जिससे जाम के हालात बन जाते हैं। यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के लिए पुलिस और ट्रैफिककर्मियों पर अंकुश लगाया जाना जरूरी है। सीओ सिटी राजेश चौधरी का कहना है जाम रोकने के लिए ही नो एंट्री लागू की गई है। लापरवाही बरतने वाले पुलिस और ट्रैफिककर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।