फोटो 30 मृतक की पत्नी को पौधा देते डीएम। स्रोत प्रशासन
कुरावली। जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी की नई पहल के तहत अब परिवार के मुखिया के निधन पर तेरहवीं संस्कार में प्रशासनिक प्रतिनिधि शामिल होकर शोक संतप्त परिवार को संवेदना पत्र, विरासत दर्ज खतौनी की प्रति एवं फलदार पौधा भेंट करने लगे हैं। इसका उद्देश्य परिजन को राजस्व संबंधी कार्यों के लिए बार-बार तहसील के चक्कर लगाने से राहत दिलाना है।शनिवार को इस पहल की शुरुआत ग्राम अलूपुरा में शांतिशरण की तेरहवीं पर की गई। कुरावली तहसील में यह पहला अवसर रहा जब संवेदना पत्र का वितरण किया गया। उप जिलाधिकारी शिवनरेश सिंह, प्रभारी तहसीलदार अखिल गोयल तथा लेखपाल विशाल राजपूत मृतक के घर पहुंचे। परिजन को जिलाधिकारी का संवेदना संदेश, खतौनी की प्रति एवं स्मृति स्वरूप फलदार पौधा प्रदान किया। जिलाधिकारी की पहल के अनुसार प्रत्येक तेरहवीं संस्कार पर संबंधित लेखपाल या तहसील स्तरीय अधिकारी मौके पर पहुंचकर यह प्रक्रिया पूरी करेंगे। लोगों का कहना है कि इस पहल से जहां एक ओर जहां सरकारी प्रक्रियाएं सरल होंगी। वहीं दुख की घड़ी में अधिकारियों का मानवीय चेहरा भी सामने आएगा।
तेरहवीं से पूर्व जिलाधिकारी ने पहुंचकर दी खतौनी :
जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी शनिवार को अकबरपुर बिकू के बखरिया पहुंचे। मृतक दफेदार की पत्नी रन्नो देवी को संवेदना पत्र, फौती दर्ज होने के बाद खतौनी की नकल और अमरूद का पौधा भेंट किया। दफेदार की मृत्यु 25 अप्रैल 2026 को हुई थी। तेरहवीं से पूर्व मृतक के वारिसान के रूप में पत्नी रन्नो देवी, पुत्र रनवीर सिंह, सुधीर पाल, सूरज पाल के नाम लेखपाल द्वारा विरासत दर्ज की गई। डीएम ने खतौनी की नकल देकर कहा कि विरासत समय से दर्ज कराना शासन की प्राथमिकता है।
फोटो 30 मृतक की पत्नी को पौधा देते डीएम। स्रोत प्रशासन