शासन के निर्देश पर जिलेभर में नौ सौ से ज्यादा अवैध कब्जे अब तक चिह्नित किए जा चुके हैं। यह क्रम अभी भी जारी है। सूत्रों की मानें तो इनकी संख्या दो हजार से भी अधिक हो सकती है। वहीं निजी और सार्वजनिक भूमि पर कब्जा करने वाले 36 भूमाफिया की भी सूची बन चुकी है। तहसील स्तर से अभी एक और सूची जारी होगी। इससे भूमाफियाओं की संख्या में खासा इजाफा हो सकता है।
प्रदेश की भाजपा सरकार भूमाफिया पर लगाम कसने के लिए अभियान चलाए हुए है। इसके तहत जिले में भी अवैध कब्जों को चिह्नित करने के लिए कार्रवाई चल रही है। अभी तक जिले में 920 अवैध कब्जे चिह्नित किए हैं। इनमें से 686 कब्जे मुक्त कराए जा चुके हैं। वहीं 234 अवैध कब्जे अभी भी हैं। इनमें सर्वाधिक 215 कब्जे भोगांव तहसील में हैं। जबकि 162 कुरावली तहसील में, 151 करहल तहसील में, 136 किशनी तहसील में, 141 मैनपुरी तहसील में,115 घिरोर तहसील में अवैध कब्जे हैं। इनमें से 155 भोगांव में, 151 करहल में, 162 कुरावली में, 108 किशनी में, 76 घिरोर में और 34 कब्जे मैनपुरी में मुक्त कराए जा चुके हैं।
इसके अलावा जिलेभर में शिकायतों और अन्य आधार पर 36 भूमाफिया चिह्नित किए जा चुके हैं। इनके खिलाफ शासन को रिपोर्ट भेजी जा रही है। वहीं अभी तहसील स्तर पर अन्य भूमाफियाओं को चिह्नित करने की कार्रवाई की जा रही है।
मैनपुरी मेें अभी भी सर्वाधिक कब्जे
मैनपुरी। सरकारी आंकड़ों के अनुसार अभी मैनपुरी तहसील में सर्वाधिक अवैध कब्जे चिह्नित हैं। इसके बाद नंबर आता है भोगांव का। यहां पर 60, घिरोर में 39 अवैध कब्जे हैं।
शासनादेश आने के बाद गठित होगी टास्क फोर्स
मैनपुरी। जिलाधिकारी सीपी सिंह ने बताया कि अभी कोई शासनादेश नहीं आया है। शासनादेश आने के बाद उसमें जो निर्देश होंगे उसी के अनुसार जिला स्तर से लेकर तहसील स्तर तक भूमाफियाओं के खिलाफ टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा।
शासन के निर्देश पर अवैध कब्जों और भूमाफियाओं को चिह्नित करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। यह अभी भी जारी है। बड़ी संख्या में जिले भर में जमीनों को अवैध कब्जों से मुक्त कराया जा चुका है।
-सीपी सिंह, जिलाधिकारी मैनपुरी