घिरोर। हजरत आबिद शाह रहमतुल्लाह अलैह की दरगाह पर चल रहे उर्स का गुरुवार की सुबह कुलशरीफ के साथ समापन हो गया। बड़ी संख्या में जायरीन ने फातिहा ख्वानी एवं चादरपोशी कर अमन एवं शांति की दुआ मांगी। बुधवार की रात तक कव्वालियों का दौर चला। भोर की पहली किरण तक लोग जमे रहे।
बुधवार की रात कव्वाली मंच का उद्घाटन सदर विधायक राजकुमार यादव ने फीता काटकर उद्घाटन किया। कव्वाली में जमील शकील फैजान वारसी एंड पार्टी एटा तथा हिना नाज एंड पार्टी बनारस के मध्य रात भर मुकाबला ए कव्वाली का लोगों ने जमकर लुत्फ उठाया। कार्यक्रम की शुरूआत जमील शकील एंड पार्टी ने रसूल पेश करते हुए कहा ‘हर दौर में रहेगा चर्चा मेरे नवी का, कुरान जानता है रुतबा मेरे नवी का।’ हिना नाज ने कहा ‘खूब नामें मुहम्मद है मोमिनो, जिसपे नुख्ता भी रखना गवारा नहीं।
जमील शकील ने कहा ‘मेरी फरियाद में इतना तो असर हो जाए, दिल जो तड़पे तो मुहम्मद को खबर हो जाए।’ इसके बाद उन्होंने कहा ‘जिसने गोकुल में गउंए चराई कैसे कह दूं कि ग्वाला नहीं है, सबकी आंखों पे परदा पड़ा है श्याम का रंग काला नहीं है।’ हिना नाज ने कहा ‘जब मेरे प्यार की आंधियां आएंगी, देख लेना तुम्हें हिचकियां आएंगी।’ जमील शकील ने कहा ‘ऐसी पोशाक मेरे यार ने पहनाई है, जर्रे-जर्रे में तेरी शक्ल नजर आई है।’ पंडाल में रात भर श्रोताओं ने कव्वाली का लुत्फ उठाया। लोगों ने फातिहा ख्वानी एवं चादरपोशी कर अमन एवं चैन की दुआ मांगी। सुबह कुलशरीफ के साथ उर्स का समापन हुआ। इस मौके पर मोहम्मद खालिद, शमशाद, अरमान कौशर, इकराम अली, मसर्रत अली, राजेंद्र यादव, मोहम्मद मुजीब, जाहिर अली, हसीन मियां, शोएब रिजवान आदि मौजूद थे।