मैनपुरी के बिछवां थाना क्षेत्र के गांव चिटौआ में बृहस्पतिवार दोपहर एक पिता ने दिल दहला देने वाली वारदात को अंजाम दिया। अपने दो साल के बेटे को पहले कीटनाशक दवा पिलाई, इसके बाद छत से फेंककर उसकी हत्या कर दी। युवक अपनी पत्नी के चरित्र पर शक करता था और बेटे को अपना नहीं मानता था। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है। एसपी सिटी अरुण कुमार और सीओ भोगांव ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
चिटौआ गांव का रहने वाला राजबहादुर, बृहस्पतिवार दोपहर दो बजे करीब अपनी पत्नी यमुनावती से झगड़ रहा था। पत्नी डरकर घर के बाहर आकर बैठ गई और कपड़े धोने लगी। राजबहादुर ने अंदर से गेट बंद कर लिया और छत पर चढ़ गया। वहां उसका छोटा बेटा 2 वर्षीय ललित खेल रहा था। राजबहादुर ने उसे पकड़ लिया और छत से फेंकने की धमकी देने लगा।
इस दौरान उससे छत पर रखी कीटनाशक बच्चे को पिला दी और मासूम ललित को छत से नीचे फेंक दिया। सीसी सड़क पर गिरते ही उसकी गर्दन टूट गई। आनन-फानन परिजन व ग्रामीण बच्चे को जिला अस्पताल लेकर आए। यहां उसे डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
छत पर चाकू लेकर बैठ गया, 50 रुपये की तंबाकू मंगवाने पर उतरा
बच्चे की मौत के बाद राजबहादुर छत पर ही चाकू लेकर बैठा रहा और किसी को भी पास आने पर खुद को नुकसान पहुंचाने की धमकी देता रहा। मामले की सूचना पर पुलिस मौके पर आई। लेकिन राजबहादुर की हरकतों को देखते हुए थोड़ी देर के लिए पीछे हट गई।
ग्रामीणों ने सूझबूझ से काम लिया और उसे लालच देकर नीचे उतारने की कोशिश की। उन्होंने उसे 50 रुपये की तंबाकू मंगाकर खिलाने का दिलासा दिया। इधर, पुलिस ने उसे गिरफ्तार न करने की बात कहते हुए वापस लौटने का नाटक किया। इस पर राजबहादुर गेट खोलकर नीचे आ गया। तभी ग्रामीणों की मदद से पुलिस ने उसे दबोच लिया।