सपा के घमासान के बीच चले विवाद के बाद मुलायम सिंह के कहने पर ही आखिर करहल सीट पर प्रत्याशी बदले गए हैं। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की फाइनल सूची में सिटिंग एमएलए सोबरन सिंह यादव को ही प्रत्याशी बनाया गया है। सूची जारी होने के बाद करहल सीट को लेकर चल रही अटकलें थम गई हैं।
सपा में चले घमासान के बीच विधायक करहल सोबरन सिंह यादव की निष्ठा शुरू से ही मुलायम सिंह यादव के साथ रही। जबकि सदर विधायक राजू यादव, किशनी ब्रजेश कठेरिया, भोगांव आलोक शाक्य मुख्यमंत्री के खेमे में रहे। सपा सूत्रों की मानें तो यही वजह रही कि पूर्व में मुख्यमंत्री की घोषित सूची में करहल से सैफई परिवार के ही अंशुल यादव को करहल से प्रत्याशी घोषित किया गया। जबकि मुलायम सिंह की सूची में करहल सीट से सोबरन सिंह का नाम तय किया गया। चुनाव आयोग के फैसले के बाद अब मुख्यमंत्री द्वारा जारी की गई सूची में करहल सीट से सोबरन सिंह को ही प्रत्याशी घोषित किया गया है। सोबरन सिंह का नाम घोषित होते ही उनके खेमे में खुशी का माहौल नजर आ रहा है। नाम नहीं छापने की शर्त पर एक पूर्व विधायक का कहना है कि करहल विधानसभा सीट पर मुलायम सिंह यादव के दबाव के बाद ही पूर्व घोषित प्रत्याशी बदला गया है। जिलाध्यक्ष खुमान सिंह वर्मा का कहना है पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने चारों सिटिंग एमएलए राजू यादव सदर, आलोक शाक्य भोगांव, ब्रजेश कठेरिया किशनी, सोबरन सिंह यादव करहल को ही पार्टी प्रत्याशी घोषित किया है। पार्टी द्वारा प्रत्याशी घोषित किए जाने के बाद अब कोई भ्रम की स्थिति नहीं है।