दन्नाहार। घटना थाना क्षेत्र के गांव धर्मंगदपुर नगरिया निवासी एक युवक से जुड़ी है। पत्नी के साथ दिल्ली में रह रहा युवक बुधवार को काम पर गया था। उसके पीछे से पत्नी दोनों मासूम बच्चों को कमरे में बंद कर मायके चली गई। मकान मालिक ने बच्चों के रोने की आवाज सुनी और युवक को घर बुलाया। घर आने के बाद युवक ने बिलखते हुए बच्चों को संभाला। शुक्रवार को थाने पहुंच कर पुलिस को व्यथा बताई।
थाना क्षेत्र के गांव धर्मंगदपुर नगरिया निवासी मोनू दिल्ली में रहकर कार चलाता है। पत्नी व दो बच्चे तीन वर्षीय मोनिका व छह माह की अनन्या भी साथ रह रहे हैं। बुधवार को मोनू जब काम पर चला गया तो पत्नी दोनों बच्चों को कमरे में बंद करने के बाद अपने मायके थाना एलाऊ क्षेत्र चली गई। कुछ देर बाद ही कमरे में बंद बच्चों ने रोना शुरू कर दिया। बच्चों के रोने की आवाज सुनकर मकान मालिक ने कमरे के पास जाकर देखा स्थिति का अंदाजा होने के बाद मोनू को फोन कर सूचना दी। कुछ देर बाद मोनू घर आया और दरवाजा खोला।
अंदर उसकी दोनों बच्चियां बिलख रहीं थीं। पिता मोनू को सामने देख सहमे हुए बच्चे उससे लिपट गए। मोनू ने पत्नी को फोन मिलाया तो वह स्विच ऑफ बता रहा है। काफी प्रयास के बाद भी जब पत्नी से संपर्क नहीं हो सका तो मोनू दोनों बच्चों को लेकर गांव आ गया। शुक्रवार को थाने लेकर पहुंचा और थाना प्रभारी को सारी परेशानी बताई। कहा कि छोटी बेटी तो मां के दूध पर ही आश्रित है। मां के इस तरह से छोड़कर चले जाने के बाद वह रोए जा रही है। संभालना मुश्किल हो रहा है।