इस समय हालत यह है कि 60 प्रतिशत ओपीडी आई फ्लू के मामलों की है। हर दूसरा मरीज अपने आप को आई फ्लू से परेशान बता रहा है। पिछले एक सप्ताह में नेत्र रोग विभाग में 556 मरीज उपचार के लिए पहुंचे हैं। वैसे तो हर तरफ आई फ्लू के मरीज देखे जा रहे हैं लेकिन शहर के कांशीराम आवास नगला कीरत के हाल सबसे चिंताजनक है। यहां लगभग हर घर में आई फ्लू के मरीज हैं। कांशीराम कॉलोनी नगला कीरत में 100 से अधिक लोग आई फ्लू की चपेट में बताए जा रहे हैं।
यह है आई फ्लू
आई फ्लू में आंखों में जलन होती है। आमतौर पर यह एक एलर्जिक रिएक्शन की वजह से होता है। कई मामलों में बैक्टीरिया का संक्रमण भी इसके लिए जिम्मेदार होता है। श्वसन तंत्र या नाक-कान अथवा गले में किसी तरह के संक्रमण के कारण वायरल कंजंक्टिवाइटिस हो जाता है। संक्रमण की शुरुआत एक आंख से ही होती है, लेकिन जल्द ही दूसरी आंख भी चपेट में आ जाती है।
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नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. ब्रजेश कुमार ने कहा कि बरसात के बाद इस तरह की दिक्कत बढ़ती हैं। ऐसे में घबराने की नहीं बल्कि जागरूक रहने की जरूरत है। सावधानी बरतें और जरा भी दिक्कत होने पर तुरंत उपचार लें। झाड़ फूंक के चक्कर में नहीं पड़ें।