कई दिनों से जारी शीतलहर थमने में नहीं आ रही है। निरंतर पारा गिर रहा है और लोगों के सामने परेशानियां बढ़ रहीं हैं। सोमवार को भी पूरे दिन सूर्यदेव के दर्शन नहीं हो सके। पूरे दिन कड़ाके की ठंड ने लोगों को परेशानी में डाले रखा। आसमान पर छाए बादलों और ठंडी हवाओं ने ठिठुरन भरी सर्दी और बढ़ा दी है। न्यूनतम तापमान गिरकर 4 डिग्री सेल्सियस पर आने से लोगों को खासी दिक्कत उठानी पड़ी। अधिकतम तापमान 13.7 डिग्री सेल्सियस रहा।
रविवार की देर रात तक घने कोहरे के कारण सड़कों पर आवागमन बाधित रहा। सुबह आसमान पर छाए बादलों के कारण कोहरा तो हल्का रहा लेकिन बादलों के साथ चलने वाली हवाआें ने गलन भरी सर्दी और बढ़ा दी। कड़ाके की सर्दी से लोग कांपते नजर आए। मजदूरों, रिक्शा चालकों और फुटपाथ पर रहने वालों की तो जैसे शामत ही आ गई। जगह-जगह लोग अलाव जलाकर सर्दी से निजात पाते देखे गए। शीतलहर के बीच लोग घरों से बेहद आवश्यक कार्य होने पर ही निकले। घरों से निकले लोग पूरी तरह गरम कपड़ों से लदे नजर आए। सर्दी के बीच बाइक चलाना तो और भी मुश्किल हो रहा था। जहां कहीं आग जलती नजर आती लोग तापने के लिए रुक जाते।
बादलों और सर्द पछुआ हवाओं ने शहर की चहल-पहल ही लूट ली। सड़कों और बाजारों में आम दिनों की तरह चहल-पहल कम ही नजर आई। ठिठुरन भरी सर्दी के बीच लोगों के सामने दो ही विकल्प थे या तो पूरी तरह गरम कपड़ों से लदे रहें या अलाव की शरण लें। पूरे दिन लोग बढ़ी सर्दी से परेशान दिखाई दिए। लगातार कोहरे और बदलीयुक्त मौसम बने रहने से वातावरण में बढ़ी नमी आलू और सरसों के लिए नुकसानदायक मानी जा रही है।