मनरेगा के तहत तीन गांवों में तो पूरे वर्ष काम ही नहीं कराया गया। नाराज
सीडीओ ने इन गांवों के सचिव सहित प्रधानों से स्पष्टीकरण मांगा है तो कई
गांवों में 50 हजार रुपये से कम का काम किया। इनसे स्पष्टीकरण देने को कहा
है।
कई एपीओ भी कार्यालय से अनुपस्थित चल रहे हैं। यह खामिया सीडीओ को खंड
विकास कार्यालय करहल के औचक निरीक्षण मे मिलीं। सीडीओ ने नाराजगी जताते हुए
खंड विकास अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा है। सीडीओ अनुराग पटेल खंड विकास
कार्यालय करहल पहुंचे।
निरीक्षण में वहां तैनात अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी
संतोष कुमार 21 जनवरी से अनुपस्थित मिले। सीडीओ ने पाया कि मनरेगा में आठ
करोड़ 73 लाख 70 हजार की धनराशि स्वीकृत है। जबकि चार करोड़ 90 लाख 35 हजार
की अब तक खर्च की गई है। ब्लाक क्षेत्र के ग्राम असरोही, राजपुर और
शंकरपुर में मनरेगा से कोई काम नहीं हुआ। इस पर नाराजगी जताते हुए तीनों
पंचायत सचिवों का स्पष्टीकरण प्राप्त कर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
ब्लाक
में 34.73 लाख की ग्रांट अवशेष होने पर समय सीमा के अंदर खर्च करने के
निर्देश दिए। 14 अक्तूबर से कैशबुक अपडेट न होने पर कैशबुक को अपडेट कराने
के आदेश दिए। ब्लाक क्षेत्र में मनरेगा योजना के 37 में से 20 सोशल आडिट
होने पर नाराजगी जताते हुए आडिट पूर्ण कराने के निर्देश दिए। इंदिरा आवास
योजना में लाभार्थियों की द्वितीय किश्त की मंाग करने के निर्देश खंड विकास
अधिकारी को दिए। निरीक्षण के दौरान खंड विकास अधिकारी राजकुमार, सर्वेश
कुमार शर्मा आदि मौजूद थे।