खुले में शौच प्रथा सामाजिक बुराई है। इसको समाप्त करने के लिए सभी मिलकर प्रयास करें। महिलाएं इसके लिए पुरुषों पर दबाव बनाएं ताकि हर घर में शौचालय बन जाए। यह बातें डीपीआरओ नरेश चंद्र ने विकासखंड जागीर के ग्राम रतनपुरबरा में खुले से शौच मुक्त गांव बनाने के लिए हुई बैठक में कहीं।
उन्होंने कहा कि बहुत से लोगों ने स्वयं के संसाधन से शौचालय बना लिए हैं। जो लोग गरीब हैं उनके शौचालय निर्माण के लिए प्रोत्साहन राशि ग्राम पंचायत को उपलब्ध कराई जाएगी। प्रधान और सचिव पात्रों की सूची तैयार करें। खुले में शौच जाने से बीमारियां फैलती हैं। महिलाओं के मान सम्मान के लिए भी शौचालय जरूरी है। गांव में सफाईकर्मी रंजीत सिंह के न आने की ग्रामीणों ने शिकायत की। डीपीआरओ ने सफाईकर्मी के खिलाफ कार्रवाई व सफाई टीम भेजने का आश्वासन दिया।
स्वच्छ भारत मिशन के डीपीसी नीरज शर्मा ने कहा कि शासन और प्रशासन खुले में शौच से मुक्त करने का अभियान चल रहा है। जिले के 50 गांव खुले में शौच से मुक्त गांव चयनित किए गए हैं। ग्रामीण पूर्व से निर्मित शौचालयों का प्रयोग करें। जिन घरों में शौचालय नहीं हैं वहां शौचालय बनवाएं। ग्राम प्रधान मौरश्री ने कहा गांव के लोग आगे आकर सहयोग करने के लिए तैयार है। रतनपुर बरा को भी खुले में शौच से मुक्त ग्रामों की सूची में शामिल किया जाए। इस मौके पर रोजगार सेवक रजनेश पांडेय, गौरव, राजेंद्र मिश्रा, अर्जुन सिंह शाक्य, प्रकाश मिश्र, छोटेलाल शास्त्री, राधा, सुशीला, गंगा, अटल बिहारी जाटव आदि मौजूद रहे।