किशनी। मर्चेंट नेवी में कार्यरत नगर की इंजीनियर ईरान युद्ध में फंस गई है। शिप ओमान की खाड़ी में रुक जाने से वह वापस नहीं आ पा रही है। चार दिन से संपर्क न होने से परिजन चिंतित हैं। प्रधानाध्यापक पिता ने भारत सरकार से बेटी को वापस बुलाने की मांग की है। वहीं, बेटी ने फोन पर बताया बताया कि सीज फायर होने के आसार हैं, वह तीन से सात दिन के अंदर गुजरात पहुंच सकती हैं।
नगर के सदर बाजार निवासी अवधेश कुमार प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक हैं। उनकी 21 वर्षीय पुत्री अंजली आर्य मर्चेंट नेवी में इंजीनियर हैं। अंजली ने इंडियन मेरीटाइम यूनिवर्सिटी कोलकाता से 2025 में इंजीनियरिंग की है और सिंगापुर की कंपनी में कार्यरत हैं। अंजली का शिप 5 मार्च को गुजरात से एलपीजी लेने ईरान गया था। उसी दौरान ईरान और इजरायल में युद्ध शुरू हो गया तो शिप ओमान की खाड़ी में रुक गया है। अंजली के शिप पर फंस जाने पर परिजन चिंतित हैं। अंजली के पिता अवधेश कुमार ने बताया कि तीन दिन पहले उनकी अंजली से व्हाट्सएप पर बात हुई थी तब उन्होंने बताया कि आपातकाल में शिप ओमान की खाड़ी में रुका हैं। अंजली ने बताया कि एक दूसरे शिप को ईरान ने मिसाइल से उड़ा दिया है जिससे ये लोग ओमान में रुके हैं। अवधेश कुमार ने बताया कि अब बेटी से फोन पर संपर्क नहीं हो पा रहा है जिससे उसकी घर वापसी के लिए वह लोग बहुत परेशान हैं। मां रेखा देवी ने बताया कि अंजली से बात होने पर उन्होंने बताया था कि शिप पर एक महीने का राशन मौजूद है। अवधेश कुमार ने भारत सरकार से मध्यस्थता कर बेटी को सकुशल वापस बुलाने की मांग की है।