फोटो 10 यूजीसी लागू कराने के लिए एसडीएम को ज्ञापन देते वकील और सपाई। संवाद
किशनी। तहसील में मंगलवार को अधिवक्ताओं और समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा। इसमें विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यूजीसी द्वारा अधिसूचित समानता के संवर्धन हेतु विनियम 2026 को पूरी तरह लागू करने की मांग की गई।
युवा अधिवक्ता राहुल शाक्य ने बताया कि 13 जनवरी को अधिसूचित यह विनियम समस्त अन्य पिछड़ा वर्ग ओबीसी और अनुसूचित जाति एससी समाज द्वारा स्वागत और समर्थन योग्य है। उन्होंने इसे कई कारणों से अनिवार्य बताते हुए कहा कि यह कानून संस्थानिक हत्याओं को रोकने और समाज के बच्चों के प्रति अत्याचार व शोषण को समाप्त करने के लिए आवश्यक है। उन्होंने रोहित वेमुला हैदराबाद और दर्शन सोलंकी आईआईटी बॉंबे जैसे मेधावी छात्रों के मामलों का उल्लेख किया जिन्हें समाज ने खो दिया।
उन्होंने कहा कि पिछले 2012 के नियमों में अन्य पिछड़ा वर्ग को कानूनी संरक्षण में शामिल नहीं किया गया था। अधिवक्ताओं और सपाइयों का मानना है कि यह नया कानून न केवल वंचित वर्गों के हितों की रक्षा करेगा बल्कि उन्हें उचित प्रतिनिधित्व भी सुनिश्चित करेगा। एडवोकेट शिवप्रताप शाक्य, सपा विधानसभा अध्यक्ष श्यामकरन शाक्य, शिवकुमार शाक्य, उपदेश शाक्य, नरेंद्र शाक्य, मीना देवी, अखिलेश शाक्य, रमाकांत सिंह मौजूद रहे।