मैनपुरी। परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा छह से आठ तक के बच्चे बुखार नापने, खाद्य पदार्थों की जांच, मल्टीमीटर का ज्ञान सीखेंगे। बच्चों का यह गुर लर्निंग बाय डूइंग कार्यक्रम के तहत वर्कशॉप लगाकर सिखाए जाएंगे। इससे वह स्वरोजगार के अवसर सृजित कर सकें। इसके लिए जिले के 24 विद्यालय चयनित किए गए हैं। शासन ने सामग्री खरीद के लिए बजट भी जारी कर दिया है।
कान्वेंट विद्यालयों की तर्ज पर बेसिक शिक्षा विभाग के उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों में शिक्षा के साथ बच्चों को हुनरमंद बनाने के लिए नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत स्किल डेवलपमेंट की योजना लर्निंग बाई डूइंग चलाई जा रही है।
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योजना के तहत छात्र-छात्राओं को इंजीनियरिंग एंड वर्कशाप, एनर्जी एंड एंवायरमेंट, एग्रीकल्चर, होम एंड हेल्थ कुल चार बिंदुओं पर जानकारी देने को गतिविधियां संचालित की जाएंगी।
कक्षा छह से लेकर आठ तक के बच्चों को योजना से लाभान्वित किया जाएगा। बच्चों को प्रशिक्षण देने के लिए 24 तकनीकी अनुदेशक रखे जाएंगे। चयन के लिए विभाग ने कवायद शुरू कर दी है।