फोटो 13 शहर के ईशन नदी पुल पर बस में सवार होने का प्रयास करतीं सवारियां। संवाद
मैनपुरी/बेवर। रक्षाबंधन से एक दिन पहले बृहस्पतिवार को बड़ी संख्या में बहनें भाइयों के घर पहुंचने के लिए बसों से रवाना हुईं, लेकिन सीट न मिलने के कारण उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सरकार की ओर से महिला यात्रियों और उनके एक सहयोगी के लिए तीन दिन की निशुल्क बस यात्रा की घोषणा की गई थी, फिर भी मैनपुरी और बेवर बस स्टैंड पर इंतजाम नदारद दिखे। आगरा, कानपुर और इटावा मार्गों पर बसों की कमी के चलते यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ा।
रक्षाबंधन का पर्व शुक्रवार को मनाया जाना है। ऐसे में बहनें एक दिन पहले ही मायके या भाई के घर जाने के लिए निकल पड़ीं। सरकार ने बृहस्पतिवार सुबह छह बजे से महिला यात्रियों और उनके एक सहयोगी के लिए निशुल्क यात्रा सुविधा शुरू की है, जो 29 अगस्त की रात 12 बजे तक जारी रहेगी। इसके बावजूद सुबह से ही मैनपुरी डिपो के बस स्टैंड पर भीड़ उमड़ने लगी। विभिन्न गंतव्यों के लिए सीट पाने हेतु यात्रियों को इंतजार करना पड़ा। बस अड्डे के अलावा ईशन नदी पुल के आसपास भी बड़ी संख्या में लोग बसों की प्रतीक्षा करते दिखे। सबसे अधिक दिक्कत आगरा, कानपुर और इटावा जाने वालों को हुई।
उधर, बेवर डिपो के बस स्टैंड पर भी सुबह से यात्रियों की आवाजाही तेज रही। महिलाएं अलग-अलग मार्गों की बसों में सवार होती रहीं। परिवहन निगम ने रक्षाबंधन पर बढ़ने वाली यात्री संख्या को देखते हुए विशेष व्यवस्थाओं का दावा किया था, लेकिन कानपुर और इटावा रूट पर बसों की उपलब्धता न होने से यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी।
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दिल्ली, आगरा, फर्रुखाबाद मार्ग पर राहत
दिल्ली, आगरा, फर्रुखाबाद मार्ग पर यात्रियों को अपेक्षाकृत राहत मिली। इस मार्ग पर बसों की उपलब्धता बेहतर रहने से यात्रियों को अधिक परेशानी नहीं हुई। परिवहन निगम के अधिकारियों का कहना है कि त्योहार के दौरान यात्रियों की संख्या को देखते हुए बसों के संचालन पर नजर रखी जा रही है और जरूरत के अनुसार व्यवस्थाएं की जा रही हैं।