मैनपुरी। बदलती जीवन शैली और गांव से शहर की ओर पलायन के कारण डिब्बाबंद खाद्य पदार्थों का सेवन बढ़ गया है। इसके परिणामस्वरूप लोगों में पाचन संबंधी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। जिला अस्पताल में जनवरी से अब तक 23,827 मरीज इन समस्याओं का उपचार कराने पहुंचे हैं।
जिला अस्पताल के रिकॉर्ड के अनुसार, हर महीने चार से पांच हजार मरीज पाचन संबंधी समस्याओं के साथ अस्पताल पहुंच रहे हैं। इन बीमारियों का सबसे अधिक असर बच्चों और बुजुर्गों के पाचन तंत्र पर देखा जा रहा है। महाराजा तेज सिंह जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. जेजे राम ने इस स्थिति पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि खाया गया भोजन आहार नाल से होते हुए पेट तक पहुंचता है। शरीर के रासायनिक पदार्थ भोजन से क्रिया कर रस निकालते हैं, जो शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है। डिब्बाबंद खाद्य पदार्थों में मौजूद तत्व इस प्राकृतिक प्रक्रिया को बाधित कर सकते हैं। डॉ. राम के अनुसार, शहर में जगह की कमी है। स्वच्छता की जरूरतों के कारण लोग पशुपालन नहीं करते हैं। इससे उन्हें ताजा दूध, दही और मठ्ठा जैसे उत्पाद नहीं मिल पाते हैं। ऐसे में अधिकतर लोग डिब्बाबंद दूध, दही और अन्य खाद्य पदार्थों का प्रयोग करते हैं। ये डिब्बाबंद उत्पाद अक्सर पाचन संबंधी बीमारियों का कारण बनते हैं।
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बच्चों और बुजुर्गों में कम होती है पाचन की क्षमता : डॉ. गौरव पारिक
महाराजा तेज सिंह जिला अस्पताल के पेट रोग विशेषज्ञ डॉ. गौरव पारिक का कहना है कि भोजन को मुख्य रूप से कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा और अल्प मात्रा में विटामिन एवं खनिज लवणों की जरूरत होती है। डिब्बाबंद खाद्य पदार्थ पाचन प्रक्रिया को बिगाड़ देते हैं इससे लोग पाचन संबंधी बीमारियों का शिकार होते हैं। बच्चों और बुजुर्गों में पाचन की क्षमता कम होती है इसलिए वे जल्दी इन बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं।
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योग से भी मजबूत होता है पाचन तंत्र : ज्ञान कुमारी
योग शिक्षिका ज्ञान कुमारी ने बताया कि योग से भी पाचन तंत्र मजबूत होता है। गलत भोजन, गलत जीवनशैली और तनाव से उत्पन्न विष को शरीर से बाहर निकालने में मदद मिलती है। इसमें खासतौर से त्रिकोण आसन के जरिये भूख में वृद्धि, पाचन क्रिया को ठीक और कब्ज को दूर किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि पश्चिमोत्तानासन से कब्ज दूर होता है। पवनमुक्तासन से गैस संबंधी समस्याओं को दूर किया जा सकता है।
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हरी और पत्तीदार सब्जियों का सेवन करें: डॉ. राजविक्रम
सीएमओ कार्यालय में तैनात वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. राज विक्रम ने बताया कि पाचन तंत्र बिगड़ने की बड़ी वजह दूषित पानी भी है। दूषित पानी का सेवन करने से बचें। सब्जियों की सफाई पर विशेष ध्यान दें। हरी और पत्तीदार सब्जियों का सेवन करें। भोजन पूरी तरह से पकाकर खाएं।
पांच महीने में जिला अस्पताल पहुंचे पाचन संबंधी बीमारियों के मरीज
जनवरी- 4567
फरवरी- 4011
मार्च- 4878
अप्रैल- 5023
25 मई तक- 5348
पाचन संबंधी बीमारियों के कारण
- जल्दी-जल्दी खाना
- बहुत अधिक मात्रा में खाना
- देर रात भारी भोजन करना
- बहुत अधिक मसालेदार, वसायुक्त या खट्टे खाद्य पदार्थों का सेवन करना
- धूम्रपान, शराब का अत्यधिक सेवन करना
- खाने के तुरंत बाद सो जाना या लेटना।
- तनाव और चिंता में रहना
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बचाव के उपाय - भोजन धीमे-धीमे चबाकर खाएं
- फाइबर युक्त संतुलित आहार लें
- हर भोजन के बाद 15-20 मिनट की सैर करें।
- डिब्बा बंद खाद्य पदार्थ का सेवन करने से बचें
- पर्याप्त पानी पिएं।