मैनपुरी। जिलाधिकारी इंद्रमणि त्रिपाठी ने शनिवार को जिला अनुश्रवण समिति की बैठक की। उन्होंने पीएम पोषण और मिड-डे मील योजनाओं की समीक्षा की। निपुण भारत मिशन में 1023 विद्यालयों का आकलन किया गया। इसमें पाया कि 510 विद्यालय ही निर्धारित मानकों के अनुरूप हैं। जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए ब्लॉकवार कार्य-योजना बनाने को कहा। जिलाधिकारी ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों से दाल, तेल, मसाले, सब्जियां, फल, दूध और चना आपूर्ति होगी। स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। इन योजनाओं पर हर साल करीब 7 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होते हैं। स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी से महिलाओं की आय में वृद्धि होगी। इससे अनेक महिलाएं ''लखपति दीदी'' बनने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगी। मुख्य विकास अधिकारी को खाद्य सामग्री आपूर्ति की कार्य-योजना बनाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने विद्यालयों की रंगाई-पुताई, स्वच्छता और सौंदर्यीकरण पर जोर देते हुए खंड शिक्षाधिकारियों को अवकाश अवधि में मरम्मत कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए। नई बाउंड्रीवॉल पर शैक्षिक और प्रेरणादायी चित्रकारी कराई जाए। नगर क्षेत्र के 5 विद्यालयों को मॉडल विद्यालय के रूप में विकसित किया जाएगा।