मैनपुरी। बेसिक शिक्षा विभाग के सामने अगले महीने होने जा रहा निपुण आंकलन चुनौती बना हुआ है। विभाग के चार हजार शिक्षक शासन की मतदाता सूची तैयार करने में जुटे हुए हैं। ऐसे में अधिकारियों को डर सता रहा है कि निपुण आंकलन में जिले की रैंक न गिर जाए। परिषदीय स्कूलों में कक्षा 1 और 2 के बच्चों की भाषा व गणित की दक्षता परखने के लिए 27 जनवरी से निपुण आंकलन होना है। 30 दिसंबर से 14 जनवरी तक स्कूलों में शीतकालीन अवकाश होने जा रहा है। 27 जनवरी से डीएलएड प्रशिक्षु स्कूलों में पहुंचकर कक्षा 1 से 2 के बच्चों का आंकलन करेंगे। इसमें अगर कक्षा 1 के बच्चे 20 रुपये तक के नोट और सिक्कों की पहचान कर सकेंगे तो उनको निपुण माना जाएगा। कक्षा 2 के बच्चे 100 रुपये तक की नोट की पहचान करने में सक्षम होंगे तो उन्हें निपुण माना जाएगा। इसी तरह भाषा में शब्दों की पहचान, शब्दों को मिलाकर पढ़ने की क्षमता भी आंकी जाएगी। इसका मकसद बच्चों में पढ़ाई के साथ सामाजिक समझ विकसित करना है। इसके लिए एप में भी व्यवस्था की जा रही है। विभाग ने सभी प्राचार्य डायट, बीएसए, बीईओ को ई मेल से सूची भेजकर विद्यालयों का डीएलएड प्रशिक्षुओं द्वारा 27 जनवरी से आकलन शुरू कराने का निर्देश दिया है।
निपुण आंकलन जिले के अधिकारियों के सामने चुनौती है। पिछले एक महीने से लगभग 50 प्रतिशत शिक्षक विधानसभा और पंचायत चुनाव की मतदाता सूची में लगे हुए हैं। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। अब शीतकालीन अवकाश हो चुका है। शीतकालीन अवकाश के बाद विभाग के पास केवल 12 दिन होंगे जिनमें उन्हें बच्चों को निपुण बनाना होगा।