मैनपुरी। जिले में सैम और मैम बच्चों को पोषण पुर्नवास केंद्र में भर्ती कराने में लापरवाही बरती जा रही है। जनवरी में चिह्नित 1540 सैम (अतिकूपोषित) और 3666 मैम (कूपोषित) बच्चों में से सिर्फ 10 सैम बच्चों को पोषण पुर्नवास केंद्र में भर्ती कराया गया। वहीं, चेहरा प्रमाणीकरण में कई विकास खंडों की गति धीमी है। ये बात जिलाधिकारी की समीक्षा बैठक में सामने आई। सीडीओ ने करहल, किशनी और घिरोर मेें पुष्टाहार वितरण की धीमी प्रगति पर नाराजगी जाहिर की। डीएम अंजनी कुमार सिंह ने जिला पोषण समिति की बैठक के दौरान समीक्षा में पाया कि जनवरी में 1540 सैम एवं 3666 मैम बच्चे चिह्नित हैं, लेकिन मात्र 10 सैम बच्चे ही पोषण पुर्नवास केंद्र में भर्ती कराए गए। विकास खंड करहल, किशनी, मैनपुरी देहात, बरनाहल से एक भी बच्चा एनआरसी में भर्ती नहीं कराया है। जबकि विकास खंड घिरोर, जागीर, सुल्तानगंज से 01-01 बच्चा ही भर्ती कराया है, जिस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि बाल विकास परियोजना अधिकारियों, प्रभारी चिकित्साधिकारियों की ओर से चिह्नित बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराने में दिलचस्पी नहीं दिखायी जा रही है।
डीएम ने चेहरा प्रमाणीकरण की समीक्षा में पाया कि फरवरी तक 134066 का चेहरा प्रमाणीकरण हो चुका है, चेहरा प्रमाणीकरण के साथ 133134 की ई-केवाईसी भी हो चुकी है, चेहरा प्रमाणीकरण कार्य में किशनी, मैनपुरी, सुल्तानगंज, कुरावली, बरनाहल आगे है। वहीं, करहल, जागीर, बेवर, घिरोर, मैनपुरी देहात में अन्य विकास खंडों में प्रगति धीमी है। वहीं, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में मैनपुरी देहात में मात्र 18.65, सुल्तानगंज में 21.44, किशनी में 20.07 प्रतिशत की पूर्ति की गई है, योजना में सबसे बेहतर कार्य कुरावली, बरनाहल, जागीर में हुआ है।
मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु ने करहल, किशनी, घिरोर में पुष्टाहार वितरण की स्थिति ठीक न होने पर नाराजगी जताई। 10 फरवरी को पुष्टाहार उपलब्ध होने के बावजूद अभी तक करहल में मात्र 62 प्रतिशत पुष्टाहार का वितरण हुआ है, जबकि मैनपुरी शहर में सबसे अधिक 86 प्रतिशत पुष्टाहार का वितरण किया जा चुका है। उन्होंने बाल विकास परियोजना अधिकारी करहल को निर्देशित करते हुए कहा के अगले 2 दिन में गर्भवती महिलाओं, चिन्हित सैम-मैम बच्चों को पुष्टाहार उपलब्ध कराएं।
इस दौरान उपायुक्त एनआरएलएम शौकत अली, जिला समाज कल्याण अधिकारी अशोक कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी अशोक कुमार, समस्त बाल विकास परियोजना अधिकारी आदि उपस्थित रहे। बैठक का संचालन बाल विकास परियोजना अधिकारी हरिओम बाजपेयी ने किया।