फोटो 1 डॉ. अंकित भदौरिया, कृषि वैज्ञानिक
मैनपुरी। आम को खास बनाने के लिए आपको करीब 140 दिन तक इंतजार करना पड़ेगा। इसके बाद तोड़ने पर ही उसमें भरपूर मिठास और गूदा मिल सकेगा। कृषि वैज्ञानिक आम को तय समय पर तोड़ने की सलाह दे रहे हैं। उनका कहना है कि किसान बाजार में आम पहुंचाने की जल्दी में उसे पहले ही तोड़ लेते हैं। इससे किसानों को बाजार में अच्छे दाम नहीं मिल पाते हैं।
कृषि वैज्ञानिक डॉ़ अंकित भदौरिया ने बताया कि आम को पकाने और उन्हें तोड़ने के लिए प्राकृतिक और सुरक्षित तरीके को ही अपनाना चाहिये। मई से अगस्त माह के बीच आम की खूब पैदावार होती है। अक्सर किसान जल्दबाजी करते हैं और आम को पकने से पहले ही तोड़ लेते हैं, इससे उनमें मिठास कम रहती है और गूदा भी विकसित नहीं हो पाता। जबकि आम की अधिकांश किस्में 120 से 140 दिन में तोड़ने योग्य होती हैं। इसमें कुछ सावधानियां और लक्षण प्रमुख होते हैं। इसमें फल का कंधा डंठल के स्तर से ऊपर उठ जाए, डंठल के पास हल्का गड्ढा दिखाई देने लगे, गहरे हरे रंग में हल्का पीलापन आने लगे। वहीं, कुछ किस्मों में फल की सतह पर सफेद मोमी परत दिखती है और जिससे समझना चाहिए कि फल के अंदर गुठली पूर्ण विकसित हो चुकी है। कई बार कुछ फलों का प्राकृतिक रूप से गिरना भी शुरू हो जाता है। वैज्ञानिकों के अनुसार सही अवस्था में तोड़े गए आमों की गुणवत्ता, मिठास और सुगंध बेहतर होती है।
कृषि वैज्ञानिक ने बताया कि आम की गुणवत्ता केवल पेड़ पर ही नहीं, बल्कि तुड़ाई की तकनीक पर भी निर्भर करती है। थोड़ी सी लापरवाही फल में चोट, सड़न और बाजार मूल्य में गिरावट का कारण बन सकती है। उन्होंने बताया कि तुड़ाई के दौरान कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए, जिसमें तुड़ाई हमेशा सुबह या शाम के समय करें। तेज धूप में फलों को न रखें। एक ही पेड़ के सभी फल एक साथ कभी नहीं पकते, इसलिए 2-3 चरणों में ही तुड़ाई करें, इस दौरान फल को जमीन पर गिरने न दें। आम हार्वेस्टर का उपयोग करें, तुड़ाई के बाद फल छायादार स्थान पर रखें, फलों को साफ पानी से धोकर सुखाएं, तुड़ाई से कुछ दिन पहले ही सिंचाई बंद करते हैं तो फल जल्दी और समान रूप से पकते हैं।
फोटो 1 डॉ. अंकित भदौरिया, कृषि वैज्ञानिक