मैनपुरी। भोगांव क्षेत्र में 12 वर्ष पूर्व एक युवक की निर्मम हत्या के मामले में न्यायालय ने दोषी विक्रम कुमार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (रेप एंड पॉक्सो) की अदालत ने दोषी विक्रम कुमार पर 2 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह जघन्य अपराध युवक को दावत के बहाने बुलाकर अंजाम दिया गया था। सजा सुनाए जाने के बाद दोषी विक्रम कुमार को पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
घटना 11 मार्च 2016 की है, जब भोगांव के गांव रुई निवासी अतुल कुमार उर्फ बंटू अपने घर पर था। दोपहर करीब तीन बजे रामवीर और राजदेव उसे नगेंद्र भारती के यहां आयोजित एक दावत में ले गए। दावत के दौरान, किसी बात को लेकर अतुल का विक्रम सिंह से विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर विक्रम अपने पिता परशुराम की लाइसेंसी दुनाली बंदूक लेकर आया और अतुल कुमार को गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
देर रात तक अतुल के घर न लौटने पर परिजन ने उसकी तलाश शुरू की। रात करीब साढ़े नौ बजे अतुल का शव पड़ा मिला। मृतक के पिता सरनाम सिंह ने इस घटना के संबंध में आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने विस्तृत विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया, जिसके आधार पर यह फैसला सुनाया गया है। न्यायालय ने साक्ष्यों के आधार पर दोषी विक्रम कुमार को हत्या का दोषी पाया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई।