घिरोर। घिरोर क्षेत्र की ग्राम पंचायत अचलपुर में अपात्रों को दिए गए 5000 बीघा से अधिक जमीन के पट्टे निरस्त कर दिए गए हैं। जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने कुल 243 पट्टों को खारिज करने का आदेश दिया है। आवंटित पट्टों में से 110 पट्टे ग्राम पंचायत से बाहर के लोगों के नाम किए गए थे। तत्कालीन एसडीएम और तहसीलदार ने इन आवंटनों की कोई जांच नहीं की। अपात्र व्यक्ति लगातार इन पट्टों से जुड़ी जमीन पर कब्जा किए हुए थे। वे इस जमीन पर फसल भी उगा रहे थे। जिलाधिकारी ने पाया कि ग्राम पंचायत के पट्टा आवंटन के अभिलेखों के प्रत्येक पन्ने पर एसडीएम के हस्ताक्षर नहीं थे। इस कमी के कारण जिलाधिकारी ने पट्टों को संदिग्ध माना। सभी संबंधित अभिलेखों को शून्य घोषित कर दिया गया है। कब्जेदारों को बेदखल करने के आदेश तहसीलदार घिरोर को दिए गए हैं। जमीन को भू अभिलेखों में ग्राम पंचायत के नाम पूर्व की तरह अंकित करवाया जाएगा।
जिलाधिकारी के आदेश में उल्लेख है कि पट्टों का अनुमोदन एसडीएम की ओर से दिया गया था। यह अनुमोदन 18 दिसंबर 1978 को हुई एक बैठक में हुआ था। हालांकि, ये अभिलेख 23 साल बाद वर्ष 2002 में तहसील के अभिलेखागार में दाखिल हुए। इस देरी के कारण राजस्व अभिलेखों में संदिग्धता सामने आई।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कब्जेदारों को तत्काल बेदखल किया जाए। तहसीलदार घिरोर को इन आदेशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।