मैनपुरी/करहल। संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम के सामने पहुंची अनुसूचित जाति की एक विधवा के कहा कि वह जिंदा है। लेखपाल और राजस्व निरीक्षक की मिलीभगत ने उसको मृत बना दिया। दूसरे गांव के रहने वाले लोगों के नाम उसकी पांच बीघा जमीन विरासत के रूप में दर्ज कर दी गई। डीएम ने इस मामले में जांच कर कार्रवाई की बात कही है।तहसील करहल के गांव चक किशनपुर पतारा की रहने वाली शांतीदेवी कठेरिया ने शनिवार को डीएम से शिकायत की। बताया कि उनके पति सियाराम सेना में नौकरी करते थे। उनकी वर्ष 2009 मेंं मृत्यु हो चुकी है। शांतीेदवी को मृत दिखाकर लेखपाल और राजस्व निरीक्षक ने उनके नाम दर्ज पांच बीघा खेत को कुरसारा के रहने वाले उदयपाल सिंह, सूर्यपाल सिंह, पृथ्वीपाल सिंह, राजकुमार, सर्वेश, सीतादेवी को वारिस बताकर राजस्व अभिलेखों में दर्ज कर दी गई है।
उसने शिकायत में बताया कि एक काम के लिए फर्द निकलवाने पर उसको पता चला कि राजस्व निरीक्षक तथा लेखपाल से मिलकर उसको कागजों में मृत दिखाकर पांच बीघा जमीन दर्ज करा ली है। अब वह लोग जमीन पर कब्जा कर बेचना चाह रहे हैं। पीड़िता ने अभिलेखों सहित डीएम से शिकायत कर न्याय दिलाने की मांग की है। डीएम ने इस मामले में जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।