फोटो 1 विकास भवन में फूट फूट कर रोते जेई। संवाद
मैनपुरी। विकास भवन स्थित ग्रामीण अभियंत्रण विभाग (आरईएस) में तैनात अवर अभियंता अजय कुमार मंगलवार को अचानक से फूट-फूटकर रोने लगे। साथी कर्मचारियों ने जब वजह पूछी तो कार्यालय से बाहर निकल गए। साथियों ने उन्हें संभालने की कोशिश की लेकिन उनकी हालत बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें आनन-फानन जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जेई ने अपने अधिकारी व कुछ कर्मियों पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। घटना के बाद से कार्यालय में चुप्पी छाई है।विकास भवन स्थित कार्यालय में मंगलवार सुबह सब कुछ सामान्य चल रहा था। अचानक अवर अभियंता प्राविधिक अजय कुमार के रोने की आवाज सुन कर्मी सकते में आ गए। पास जाकर वजह पूछने पर वह बिफर गए और बिना कुछ कहे बाहर की ओर भाग निकले। सहकर्मी पीछे दौड़े, विकास भवन के मुख्य द्वारा पर जेई को रोक दिया तो वह जमीन पर लेट गए और बिलख-बिलख कर रोने लगे। वह किसी की बात का कोई जवाब नहीं दे रहे थे। बस रोए जा रहे थे। कुछ ही देर में वहां लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई।
जेई की हालत देख सभी घबरा गए। चार कर्मियों ने उनके हाथ पैर पकड़े और गाड़ी में डालकर जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सक ने जांच की तो कुछ खास नहीं मिला, चिकित्सक ने पैनिक अटैक के लक्षण बताते हुए उपचार किया। उधर, कर्मियों ने अजय कुमार के परिजन को फोन कर सूचना दी। जेई अजय कुमार रोते हुए बार-बार कार्यालय में होने वाले शोषण की बात कह रहे थे। पूछने पर बताया कि उन्हें अधिकारी व कुछ कर्मी लगातार परेशान करते आ रहे हैं। आरोप के बीच अन्य कर्मियों ने चुप्पी साध ली।
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वर्जन
अजय कुमार पहले ड्राफ्ट मैन के पद पर थे। प्रमोशन के बाद अवर अभियंता प्राविधिक की जिम्मेदारी मिली है। पद पर रहते हुए काम की जिम्मेदारी भी है, बावजूद इसके उनसे कोई अतिरिक्त कार्य नहीं लिया जाता। प्रताड़ित किए जाने जैसा कुछ भी नहीं है।
-नुजहत परवीन, अधिशासी अभियंता, आरईएस
फोटो 1 विकास भवन में फूट फूट कर रोते जेई। संवाद
फोटो 1 विकास भवन में फूट फूट कर रोते जेई। संवाद