फिरोजाबाद में घरेलू गैस की सुचारू आपूर्ति करने और कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए जिलाधिकारी रमेश रंजन ने कड़ा रुख अपनाया है। मंगलवार को कलेक्ट्रेट स्थित अपने कक्ष में गैस एजेंसी स्वामियों के साथ एक आपात बैठक करते हुए उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि किसी भी स्तर पर अनियमितता या कालाबाजारी पाई गई, तो संबंधित एजेंसी का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया जाएगा।
बैठक में निर्देश दिए कि गैस एजेंसियों के बाहर उपभोक्ताओं की लंबी कतारें किसी भी कीमत पर नहीं दिखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से सिलिंडर उपलब्ध कराना एजेंसी मालिकों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिन उपभोक्ताओं के पास पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) के कनेक्शन हैं, उनकी सघन जांच की जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि वे अवैध रूप से एलपीजी सिलिंडर का भंडारण या उपयोग न कर रहे हों। यदि कोई पीएनजी धारक एलपीजी का उपयोग करता पाया गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रतिदिन 50 ग्राहकों से लिया जाएगा फीडबैक
वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए जिलाधिकारी ने एक नई व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए हैं। अब वितरण रजिस्टर से प्रतिदिन रैंडम आधार पर 50 उपभोक्ताओं को फोन किया जाएगा। उनसे सीधे फीडबैक लिया जाएगा कि सिलिंडर सही समय पर मिला या नहीं और वितरण में कोई अवैध वसूली या गड़बड़ी तो नहीं हुई।
जिलाधिकारी रमेश रंजन ने बताया कि जिले में गैस की कालाबाजारी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। पूर्ति विभाग को निर्देशित किया गया है कि वे गैस एजेंसियों का आकस्मिक निरीक्षण करें और निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराएं।