मैनपुरी। मार्च महीने में ही गर्मी ने तीखे तेवर दिखाना शुरू कर दिया है। घरों में पंखे, कूलर और एसी चालू होने के बाद बिजली डिमांड 250 मेगावाट के करीब पहुंच गई है। जबकि फरवरी में 205 और जनवरी में 195 मेगावाट खपत रही थी। हालांकि दो दिनों तक बारिश के कारण इसमें कमी दर्ज की गई है।
मार्च में ही गर्मी ने तीखे तेवर दिखाना शुरू कर दिए हैं। गर्मी बढ़ने के साथ ही बिजली की खपत भी बढ़ना शुरू हो गई है। गर्मी से राहत के लिए घरों, दुकानों, शोरूम और दफ्तरों में पंखा, कूलर और एसी चालू हो गए हैं। इसके चलते जिले में पिछले 20 दिनों में करीब 50 मेगावाट बिजली खपत बढ़ गई है। मार्च में जिले की कुल विद्युत खपत करीब 246 मेगावाट दर्ज की गई है।
ट्रांसमिशन के अधिकारियों के अनुसार जनवरी में बिजली की डिमांड 195 मेगावाट और फरवरी माह में 200 मेगावाट दर्ज की गई थी। फरवरी और मार्च के बीच बिजली की डिमांड में 46 मेगा वाट की बढ़ोतरी हुई है। अनुमान लगाया जा रहा है कि आने वाले जून से सितंबर के बीच मांग 300 मेगावाट से अधिक हो सकती है।
मार्च में बिजली डिमांड 246 मेगावाट के करीब है। आने वाले दिनों में गर्मी बढ़ने के साथ डिमांड में भी बढ़ोतरी होगी। जून से सितंबर महीने में मांग 300 मेगावाट से अधिक पहुंच सकती है। वोल्टेज मेंटेन करने के लिए कैपेसिटर बैंक उपकरण को दुरुस्त कराया गया है ताकि गर्मी में लो-वोल्टेज की समस्या न हो।
- अमित कुमार, उपखंड अधिकारी, ट्रांसमिशन।
इंडक्शन ने भी बढ़ाई डिमांड
एलपीजी गैस किल्लत के बीच घरों में इंडक्शन चूल्हे का इस्तेमाल बढ़ गया है। जिले में बिजली डिमांड में तेजी से बढ़ोतरी के पीछे इंडक्शन चूल्हों का अधिक इस्तेमाल भी बताया जा रहा है।
बिजली डिमांड पर एक नजर
2025- जनवरी 202 मेगावाट, फरवरी 205 मेगावाट, मार्च 225 मेगावाट
2026 -जनवरी 206 मेगावाट, फरवरी 211 मेगावाट, मार्च 246 मेगावाट
-
मौसम में बदलाव से कम हुई डिमांड
19 मार्च की शाम से मौसम ने करवट ली। तेज हवाओं के साथ बारिश से मौसम सुहावना हो गया। बारिश के कारण तापमान में गिरावट आने से जिले की बिजली आपूर्ति भी कम हो गई। ट्रांसमिशन के अधिकारियों ने बताया कि 20 मार्च को जिले की बिजली खपत 130 मेगा वाट और 21 मार्च को 156 मेगा वाट दर्ज की गई।