मैनपुरी। देश भर में भोले-भाले लोगों से साइबर ठगी करने वालों का एक गैंग जनपद के थाना बेवर क्षेत्र में सक्रिय था, साइबर थाना पुलिस ने गैंग के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया। कब्जे से नकदी, सिम आदि बरामद हुए। एसपी ग्रामीण ने बताया कि एनसीआरपी पोर्टल पर 32 शिकायतें दर्ज हुई थीं।
एसपी ग्रामीण अभिषेक तिवारी ने बताया कि रविवार को साइबर थाना प्रभारी ने टीम के साथ गढि़या जाने वाले मार्ग पर तीन साइबर ठगों को गिरफ्तार किया, उनसे पूछताछ की गई तो अपने नाम प्रियांशू तोमर, अमन तोमर निवासी श्यामपुर भटपुरा, बेवर और अवनीश कुमार भटपुरा बताया। इनके कब्जे से 16180 रुपये, तीन मोबाइल, एक एटीएम दो बाइक बरामद हुईं। पूछताछ करने पर बताया कि वह लोग विभिन्न राज्यों में नौकरी लगवाने, इनवेस्ट कराने व अन्य कार्याें के जरिये लोगों से ऑनलाइन ठगी करते थे। ठगी से मिलने वाले रुपये को तीनों लोग आपस में बांट लेते थे। एसपी ग्रामीण ने बताया कि एनसीआरपी पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों पर जनपद की साइबर थाना पुलिस ने जांच की तो पाया कि साइबर ठगी के जरिये मिलने वाले रुपये कस्बा बेवर क्षेत्र के खातों में जाते थे, जो एटीएम आदि के जरिये निकाला जा रहा है। इसके बाद साइबर अपराध एक्सपर्ट जोगेंद्र चौधरी, महिपाल भदौरिया, सरयू कुमार, मनोज कुमार की टीम ने गहनता से जांच शुरू की, सीसीटीवी फुटेज आदि की जांच करने पर गैंग के तीनों ठगों की पहचान हुई। रविवार को मौका मिलते ही तीनों ठगों को गिरफ्तार कर लिया गया। एसपी ग्रामीण ने बताया कि प्रियांशू के दो बैंक खातों पर 17 शिकायतें थीं, अमन के तीन खातों पर 13 शिकायतें और अवनीश के एक खाते पर दो शिकायतें दर्ज हैं।
दो साल पहले अचानक बदल गया रहन सहन
कस्बा बेवर में लोगों से ठगी करने वाले गैंग के तीनों युवक आपस में गहरे दोस्त हैं और दो साल पहले अचानक से उनका रहन सहन ही बदल गया था। पहले जहां छोटी मोटी चीजें खरीदने में हिचकिचाते थे, अब मंहगे कपड़े व शौक भी आम से खास हो गए थे। तीनों युवकों को भले ही यह लग रहा था कि उन पर किसी का ध्यान नहीं है, मगर साइबर थाना पुलिस कई दिनों से उनकी निगरानी कर रही थी।
एक से डेढ़ करोड़ की धोखाधड़ी
साइबर थाना पुलिस ने पकड़े गए साइबर ठगों से पूछताछ की पता चला कि वह लोग वर्ष 2024 से साइबर ठगी की घटनाओं को अंजाम देते आ रहे हैं। वह लोग जरूरतमंद व किराये पर लिए गए खातों का धन निकासी में प्रयोग करते हैं। पूछताछ में करीब एक से डेढ़ करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की बात भी सामने आई है। पुलिस शिकायतों में ठगी की धनराशि आदि के बारे में जानकारी जुटा रही है।