फोटो 45 गोशालाओं की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते आयोग के अध्यक्ष। स्रोत प्रशासन
मैनपुरी। प्रदेश अध्यक्ष गोसेवा आयोग श्याम बिहारी गुप्ता और सदस्य रमाकांत उपाध्याय की टीम ने गोशालाओं की व्यवस्थाओं, गोवंश के स्वास्थ्य, पोषण एवं संरक्षण की स्थिति के संबंध में समीक्षा बैठक की। कहा कि गोशालाओं का संचालन केवल औपचारिकता न होकर एक जिम्मेदारीपूर्ण एवं परिणामोन्मुख व्यवस्था के रूप में किया जाए। प्रत्येक गोशाला में गोवंश को निर्धारित मानकों के अनुसार पर्याप्त पोषण उपलब्ध कराया जाए। यदि आवश्यक हो तो पोषण स्तर को और बेहतर बनाने के लिए अतिरिक्त संसाधनों का भी समुचित उपयोग करें।उन्होंने कहा कि पशु चिकित्सक नियमित रूप से गोशालाओं का भ्रमण कर गोवंश के स्वास्थ्य की निगरानी करें। प्रत्येक तीन माह पर कीड़ों की दवा खिलाई जाए। टीकाकरण सहित अन्य आवश्यक उपचार किए जाएं। साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए। स्वच्छ एवं ताजे पेयजल की उपलब्धता की जाए। गोबर का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण कर जैविक खाद तैयार की जाए। प्रत्येक गोशाला में गोवंश की वास्तविक संख्या का सत्यापन कर पंजिका में सही अंकन किया जाए।
समीक्षा में बताया गया कि जनपद में 49 गोशालाएं संचालित हैं। तीन वृहद गौशाला अहिरवा, इज्जतपुर खजुरारा, गुराई में संचालित हैं। 10 कान्हा गो आश्रय स्थलों का संचालन स्थानीय निकायों द्वारा किया जा रहा है। गोशालाओं में 12102 गोवंश संरक्षित हैं। डीएम अंजनी कुमार सिंह, मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु, अपर निदेशक पशुधन डीपी सिंह, परियोजना निदेशक डीआरडीए सत्येंद्र सिंह, उपनिदेशक कृषि नरेंद्र कुमार त्रिपाठी, अजय सोलंकी, डाॅ. सुशीलकांत उपाध्याय, अनुज, प्रवेंद्र राठौर, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डाॅ. सोमदत्त मौजूद रहे।