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Mainpuri News: क्लीनिक पंजीकरण के नाम पर 1.80 लाख की ठगी का आरोप

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मैनपुरी। स्वास्थ्य विभाग में क्लीनिक पंजीकरण के नाम पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। एक युवती ने सीएमओ कार्यालय पहुंचकर हंगामा किया और 1.80 लाख रुपये की ठगी का आरोप लगाया। युवती का आरोप है कि भोगांव के एक व्यक्ति ने पंजीकरण कराने के नाम पर यह राशि ली थी, लेकिन काम नहीं हुआ।
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शुक्रवार देर शाम चांदेश्वर नगर निवासी युवती सीएमओ कार्यालय पहुंची। उसने भोगांव निवासी तथाकथित डॉक्टर राजीव पर क्लीनिक पंजीकरण के नाम पर 1.80 लाख रुपये लेने का आरोप लगाया। युवती ने बताया कि नर्सिंग कोर्स करने के बाद उसने एक डॉक्टर के साथ क्लीनिक संचालित करने की प्रक्रिया शुरू की थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात राजीव से हुई, जिसने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से अच्छे संपर्क होने का दावा किया। राजीव ने क्लीनिक का पंजीकरण कराने का आश्वासन दिया और करीब दो माह पहले ऑनलाइन खाते से 1.80 लाख रुपये ले लिए। युवती ने पंजीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन भी कर दिया था। काफी समय बीतने के बाद भी पंजीकरण नहीं हुआ। जब वह राजीव के साथ सीएमओ कार्यालय पहुंची, तो पंजीकरण का प्रभार देख रहे अधिकारी ने औपचारिकताएं पूरी करने के बाद ही आवेदन करने को कहा। युवती का आरोप है कि तब से राजीव उसे बार-बार भटका रहा था। रुपये वापस मांगने पर उसने कोई जवाब नहीं दिया।
आरोपी फरार, पुलिस जांच शुरू
युवती के हंगामे के दौरान कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई। युवती ने पुलिस बुला ली। पुलिस के आने से पहले ही आरोपी राजीव अपनी स्कूटी छोड़कर मौके से फरार हो गया। कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्कूटी को जब्त कर लिया है। पुलिस ने बरामद स्कूटी के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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डिप्टी सीएमओ और बाबू का भी नाम आया सामने
युवती ने सीएमओ कार्यालय में हंगामा काटते हुए कहा कि या तो उनका पंजीकरण कराया जाए, या फिर युवक द्वारा लिए गए रुपये वापस दिलाए जाएं। हंगामा के दौरान डिप्टी सीएमओ और लिपिक भोला बाबू कार्यालय में बैठकर विभागीय कार्य निपटा रहे थे। जानकारी होने के बाद महिला ने वहां जाकर डिप्टी सीएमओ को भी पूरी बात बताई, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। मामले में डिप्टी सीएमओ और बाबू की भी मिलीभगत की बात सामने आ रही है।
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क्लीनिक पंजीकरण के लिए पोर्टल पर ही आनलाइन आवेदन की व्यवस्था है। डिप्टी सीएमओ द्वारा भौतिक सत्यापन के बाद रिपोर्ट लगाई जाती है। मामले के बारे में जानकारी मिली है। महिला बताए किसे रूपये दिए हैं। यदि विभागीय व्यक्ति होगा तो उस पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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डाॅ. आरसी गुप्ता, सीएमओ।
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