फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राह नहीं आसां: चुनौतियों से भरी है डिंपल यादव की डगर, नेताजी की यादों के सहारे पार कर पाएंगी चुनावी वैतरणी?

Wed, 20 Mar 2024 05:26 PM IST
भूपेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी

सार

इस बार सपा सांसद डिंपल यादव की डगर चुनौतियों से भरी है। क्या इस बार नेताजी की यादों के सहारे चुनावी वैतरणी पार कर पाएंगी ?
विज्ञापन
सांसद डिंपल यादव - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उत्तर प्रदेश के मैनपुरी से सपा सांसद डिंपल यादव लगातार लोगों से जनसंपर्क कर रही हैं। इस बार लोकसभा चुनाव में जीत की राह डिंपल यादव के लिए इतनी आसान भी नहीं होगी। इस बार नेताजी की यादों के सहारे ही चुनावी वैतरणी से पार पाना होगा। पिछले उप-चुनाव में दिवंगत मुलायम सिंह यादव के सहानुभूति वोट के सहारे एतिहासिक जीत दर्ज की थी। इस बार जीत और अंतर दोनों ही बरकरार रखना पूर्व मुख्यमंत्री की पत्नी के लिए चुनौती से कम नहीं है।

विज्ञापन


मैनपुरी लोकसभा सीट पर दिवंगत मुलायम सिंह यादव ने वर्ष 1996 में जीत के साथ सपा को एक बड़ी शुरुआत दी। इसके बाद से ही यह सीट लगातार सपा की होकर रह गई। अभी तक इस सीट सपा के अलावा किसी भी पार्टी का प्रत्याशी जीत दर्ज नहीं कर सका है। यादव बाहुल सीट पर अन्य जातियों का गणित बैठाते हुए सपा लगातार अजेय रही है।

नेताजी मुलायम सिंह यादव के मृत्यु के बाद उनकी इस विरासत को संभालने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव को वर्ष 2022 में हुए लोक सभा उपचुनाव में प्रत्याशी के तौर पर उतारा गया था। इसमें भाजपा के प्रत्याशी के तौर पर पूर्व सांसद रघुराज सिंह शाक्य थे। 
 

जीत के लिए भाजपा ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी। लेकिन दिवंगत मुलायम सिंह यादव की सहानुभूति और डिंपल यादव की साफ और स्वच्छ छवि ने अप्रत्याशित परिणाम दिया। वर्ष 2022 में लोकसभा उपचुनाव में सपा प्रत्याशी डिंपल यादव ने भाजपा को 2.88 लाख वोटों से हरा कर बड़ी जीत दर्ज की थी।
 

अब एक बार फिर से लोकसभा उपचुनाव हैं। सपा के प्रत्याशी के तौर पर डिंपल यादव मैदान में हैं। नेता की सहानुभूति वोट भी इस बार वर्ष 2022 के उपचुनाव की तरह प्रभावित नहीं होगा। तय है कि इस बार सपा की प्रत्याशी डिंपल यादव को जीत दर्ज करने और बडे़ अंतर को बरकरार रखना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं होगा। 
 
विज्ञापन

अभी तक यह भी साफ नहीं हुआ है कि भाजपा मैनपुरी लोकसभा सीट पर अपने प्रत्याशी के तौर पर किसको मैदान में उतारेगी। प्रत्याशी कौन होगा और उसके सामने जीत के लिए डिंपल यादव क्या रणनीति आजमाएगीं। यह भी अब कुछ ही समय में साफ हो जाएगा। फिलहाल तो मैनपुरी लोकसभा सीट पर होने वाले चुनाव और परिणाम पर देश भर की नजरें टिकीं हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें