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किशनी में नकल रोकना प्रशासन के लिए चुनौती

Sun, 05 Mar 2017 11:19 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी
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बोर्ड कॉपियों की जांच - फोटो : demo pic
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बोर्ड परीक्षा में एक बार फिर किशनी क्षेत्र प्रशासन के लिए सिर दर्द बन गया है। जिले का यह क्षेत्र परीक्षाओं में नकल के लिए हमेशा बदनाम रहा है। यहां पर नकल रोकना अधिकारियों के लिए चुनौती है। क्योंकि पिछला रिकार्ड देखें तो यहां पर तमाम कोशिशों के बाद भी नकल माफियाओं पर जिला प्रशासन नकेल नहीं कस सका है। इस क्षेत्र में नकल माफियाओं की स्थिति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पूरे जिले में चिन्हित 11 संवेदनशील केंद्रों में से छह अकेले किशनी क्षेत्र में हैं। इन केंद्रों पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं।  
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यूपी बोर्ड हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाएं 16 मार्च से शुरू होनी है। इनमें जिलेभर में 11 परीक्षा केंद्रों को संवेदनशील घोषित किया है। इनमें छह केंद्र अकेले किशनी के हैं। वहीं तीन भोगांव के, एक करहल और एक मैनपुरी का है। इससे साफ जाहिर होता है कि इस बार भी किशनी क्षेत्र में नकल रोकना प्रशासन और विभागीय अधिकारियों के लिए चुनौती होगी। इसके चलते ज्यादातर अधिकारियों की नजर किशनी क्षेत्र के परीक्षा केंद्रों पर होगी।  इन परीक्षा केंद्रों पर नकल न हो इसके लिए इन केंद्रों पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। सभी स्टेटिक मजिस्ट्रेट अपने-अपने केंद्रों पर निगरानी करेंगे। अगर केंद्र पर नकल कराई जाती है तो वे इसकी सूचना जिला विद्यालय निरीक्षक और जिलाधिकारी को उपलब्ध कराएंगे। प्रशासन की ओर से प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।
स्टेटिक मजिस्ट्रेट परीक्षा के दौरान केंद्र पर मौजूद रहकर परीक्षाएं संपन्न कराएंगे। परीक्षा के लिए स्टेटिक मजिस्ट्रेट डा. सुरेंद्र सिंह पशु चिकित्साधिकारी घुटारा, रामऔतार सहायक विकास अधिकारी, दीपक जैन पूर्ति निरीक्षक किशनी, संतोष कुमार सचिव मंडी समिति बेवर, डा. दिलीप कुमार पशु चिकित्साधिकारी किशनी, अजीत श्रीवास्तव सीडीपीओ, डा. विनय यादव पशु चिकित्साधिकारी बुर्रा, डा. आरपी शर्मा पशु चिकित्साधिकारी सुल्तानंगज, डा. हरिओम पटेल पशु चिकित्साधिकारी बेवर, कृपाशंकर पूर्ति निरीक्षक करहल और डा. अजय पाल सिंह पशु चिकित्साधिकारी रठेरा को स्टेटिक मजिस्ट्रेट की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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पिछले वर्ष भी किशनी था संवेदनशील
मैनपुरी। उल्लेखनीय है कि पिछली बार भी बोर्ड परीक्षा में दस केंद्र संवेदनशील बनाए गए थे। इन केंद्रों पर भी सबसे ज्यादा संवेदनशील केंद्र किशनी क्षेत्र के ही थे। पिछले वर्ष दस में से जहां पांच केंद्र किशनी के थे वहीं  इस बार भी 11 में से छह केंद्र किशनी के ही संवेदनशील हैं।

नकल रोकने के लिए प्रशासन और विभाग के आलाधिकारियों ने कमर कस ली है। उनका पूरा प्रयास रहेगा कि नकल किसी भी हाल में न हो सके। संवेदनशील केंद्रों पर प्रशासन की विशेष नजर रहेगी।
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                        आरपी यादव    
                    डीआईओएस, मैनपुरी।
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