उत्तर प्रदेश के मैनपुरी के करहल विधानसभा उपचुनाव के लिए भाजपा की सेना पूरी तरह तैयार है। भाजपा की सेना को अपने सेनापति का इंतजार है। भाजपा का प्रत्याशी घोषित नहीं होने से कार्यकर्ता असमंजस में हैं। विधानसभा चुनाव में भी भाजपा ने अंतिम समय में ही सपा के अखिलेश यादव के सामने केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल को चुनाव मैदान में उतारा था।
करहल विधानसभा उपचुनाव के लिए 25 अक्तूबर तक नामांकन किए जाएंगे। नामांकन में चार दिन शेष बचे हैं। भाजपा हाईकमान अभी तक अपने प्रत्याशी के नाम पर अंतिम मोहर नहीं लगा सका है। उपचुनाव के लिए भाजपा प्रत्याशी के रूप में एक पूर्व महिला सांसद, एक पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि सहित एक पूर्व मंत्री और एक केंद्रीय मंत्री की पुत्री के नाम चर्चाओं में चल रहे हैं।
भाजपा के जिम्मेदार पदाधिकारी भी प्रत्याशी के बारे में कुछ साफ बताने की स्थिति में नहीं हैं। उपचुनाव के लिए समाजवादी पार्टी पूर्व सांसद तेजप्रताप सिंह यादव को प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। बसपा ने भोगांव क्षेत्र के गांव मानिकपुर के रहने वाले अवनीश कुमार शाक्य पर दांव लगाया है।
सपा और बसपा के घोषित प्रत्याशियों ने पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को साथ लेकर मतदाताओं से मिलना भी शुरू कर दिया है। सैफई से सटी करहल विधानसभा सीट पर लंबे समय से सपा का कब्जा चला आ रहा है। एक बार भाजपा की टिकट पर सोबरन सिंह यादव चुनाव जीते हैं। इसके बाद वह सपा की टिकट पर दो बार विधायक रहे हैं।
भाजपा जिलाध्यक्ष राहुल चतुर्वेदी का कहना है कि भाजपा दमदारी से उपचुनाव लड़ेगी। हर कार्यकर्ता खुद को प्रत्याशी मानकर चुनाव मैदान में उतरेगा। एक दो दिन में ही भाजपा के प्रत्याशी के नाम की घोषणा कर दी जाएगी।
सपा जिलाध्यक्ष आलोक शाक्य ने कहा कि भाजपा की नीतियों से समाज का हर वर्ग परेशान है। सपा प्रत्याशी की घोषणा कर चुकी है। करहल क्षेत्र के मतदाता हमेशा से सपा के साथ हैं। सपा उपचुनाव में भी मजबूत है।
वहीं बसपा जिलाध्यक्ष प्रेमचंद्र शाक्य भाजपा और सपा किसी वर्ग का भला नहीं कर सकी है। बसपा ने भी प्रत्याशी घोषित कर दिया है। भाजपा और सपा से परेशान मतदाता बसपा का साथ देने का मन बना चुका है।