थाना घिरोर के गांव नगला बाग में हुई आईटीआई छात्र की हत्या के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। यही नहीं पुलिस ने उनके पास से हत्या में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद किया है। मृतक के आरोपियों के परिवार की एक लड़की से संबंध थे। यही उसकी हत्या की वजह बनी। पुलिस ने यह कार्रवाई अमर उजाला में छात्र और युवती के बीच हुई बातचीत की रिकॉडिंग छापने के बाद की। वहीं हत्या का मुख्य आरोपी शैलेंद्र अभी भी फरार चल रहा है। पुलिस ने शीघ्र ही उसे भी गिरफ्तार करने का दावा किया है।
बता दें कि 13 अप्रैल को थाना घिरोर क्षेत्र के गांव नगला बाग में आईटीआई के छात्र संजय की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में छात्र के पिता सत्य प्रकाश ने गांव के ही रामरतन, श्रीकृष्ण और छात्र के दोस्त शैलेंद्र के खिलाफ बेटे की हत्या करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने शनिवार को सुबह दो आरोपियों रामरतन और श्रीकृष्ण को घिरोर में भारत गैस एजेंसी के पास से गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से हत्या में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद किया गया है। पुलिस ने दोनों को पूछताछ के बाद जेल भेज दिया है। वहीं एएसपी दिगंबर कुशवाह ने बताया कि तीसरे आरोपी शैलेंद्र को भी शीघ्र गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि संजय वारदात वाली रात को शौच के लिए खेतों में गया था, तभी रास्ते में आरोपियों ने गोली मारकर उसकी हत्या कर दी थी। गोली संजय के सिर में लगी थी।
अमर उजाला की खबर ने बदली जांच की दिशा
मैनपुरी। छात्र की हत्या किए जाने की जानकारी परिवारीजनों ने थाना पुलिस को दी थी। इसके बाद भी दो घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची। थाना पुलिस शुुरुआत से ही मामले को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश कर रही थी। यही नहीं पूरी जांच भी इसी पर आधारित कर दी गई थी। इसी बीच अमर उजाला ने मृतक की आरोपियों के परिवार की एक युवती से हुई फोन पर बातचीत को प्रमुखता से छापा था। उक्त खबर को आधार बनाकर एसपी हिमांशु कुमार और एएसपी दिगंबर कुशवाह ने जांच कराई और थाना प्रभारी को खरीखोटी सुनाई।
अंत तक गुमराह करते रहे अधिकारियों को
मैनपुरी। खबर में छात्र और युवती के बातचीत के अंश प्रकाशित होने के बाद भी शुक्रवार तक एसओ घिरोर वरिष्ठ अधिकारियों को गुमराह करते रहे। पूछने पर उन्होंने बताया कि छात्र ने आत्महत्या की है। इस पर एएसपी ने दो दिन का समय एसओ को दिया। इसके बाद 24 घंटे में ही थाना पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। एएसपी ने प्रेस कांफ्रेंस में स्वीकार किया कि शुरू से लेकर अंत तक एसओ ने उन्हें गलत जानकारी दी और गुमराह किया।
एसओ गए छुट्टी पर
मैनपुरी। शनिवार को दोनों हत्यारोपियों को पेश करने के लिए थाना घिरोर से एक दरोगा आए। पूछने पर पता चला कि खबर प्रकाशित होने और अधिकारियों के दबाव के चलते वे शुक्रवार को ही छुट्टी पर चले गए।
शादी के चलते की हत्या
मैनपुरी। पुलिस के अनुसार आरोपियों के परिवार की एक युवती की शादी थी। यही कारण रहा कि उन्होंने युवती की शादी से पूर्व ही छात्र की हत्या कर दी। ताकि शादी के दौरान कोई और बात न खड़ी हो।
अमर उजाला की रिपोर्टिंग की सराहना की
मैनपुरी। शनिवार को एएसपी ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान जहां थाना पुलिस की जमकर खिंचाई की। वहीं पूरे मामले में अमर उजाला की रिपोर्टिंग की विशेष रूप से सराहना की। साथ ही कहा कि समाचार पत्र में छपी खबर के आधार पर ही मामले की जांच में अहम मोड़ आया और यह खुलासा हो सका।
भाई की हत्या करने तो नहीं आए दोनों
मैनपुरी। जिस समय पुलिस ने दोनों हत्यारोपियों को गिरफ्तार किया उस समय भी उन पर तमंचा और कारतूस थे। आशंका जताई जा रही है कि दोनों लोग मृतक संजय के भाई को मारने के लिए तो नहीं आए थे। उल्लेखनीय है कि सत्य प्रकाश ने पिछले दिनों एएसपी से मुलाकात कर कहा था कि आरोपी कार्रवाई करने पर उसके दूसरे बेटे को भी मारने की धमकी दे रहे हैं। वहीं वांछित होने पर उनके हथियार लेकर कस्बा में मौजूदगी इसी ओर इशारा करती है।