ईशन नदी की बदहाल हालत को लेकर अमर उजाला के चले अभियान का असर हुआ। सोमवार को निरीक्षण करने पहुंचे डीएम नदी की दुर्दशा देख नाराज हुए। उन्होंने तीन सदस्यीय समिति गठित कर दी है। वहीं नदी की सफाई करने वाले ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
डीएम ने ईसन नदी में कराई जा रही सिल्ट सफाई के कार्य का निरीक्षण किया। पाया कि ईशन नदी की सिल्ट सफाई के कार्य में अनियमितता बरती जा रही हैं। नदी में कहीं ज्यादा तो कहीं कम खोदाई की गई है। जो सिल्ट निकाली गई है उसे किनारे पर ही डाल दिया गया है। जो बारिश होने की दशा में पुन: नदी में बहकर पहुंचेगी। उन्होंने मानक के अनुसार सिल्ट सफाई का कार्य न करने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि नदियों की सफाई प्रदेश सरकार ने पहली बार कराई है। उसमें भी नहर विभाग लापरवाही बरत रहा है। उन्होंने नहर विभाग के अधिशासी अभियंता को चेतावनी देते हुए कहा कि ईशन नदी के सिल्ट सफाई के कार्य की गुणवत्ता को सुधारें और सिल्ट को दूसरे स्थान पर डलवाना सुनिश्चित करें। डीएम ने एसडीएम, दो अधिशासी अभियंताओं की टीम जांच के लिए गठित कर दी है।