विधानसभा चुनाव से पूर्व सपा में चल रही उठापटक के चलते नेताओं की जासूसी शुरू कराई जा रही है। हाईकमान ने चिन्हित किए गए नेताओं की जासूसी के लिए पार्टी के भरोसेमंद पांच नेताओं को इसकी जिम्मेदारी सौंपी है। रिपोर्ट मिलने के बाद चिन्हित नेताओं पर गाज गिर सकती है।
कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव के सपा प्रदेशाध्यक्ष बनने के बाद अनुशासनहीनता के नाम पर नेताओं के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गई है। अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहने वाले नेताओं को चिन्हित किया जा रहा है। पार्टी हाईकमान ने चिन्हित नेताओं की जासूसी कराने का निर्णय लिया है। सूत्रों की मानें तो जिले में भी चुनिंदा पांच नेताओं को इसका जिम्मा सौंपा है। जिम्मेदारी निभाने वाले नेताओं को हाईकमान का भरोसेमंद माना जा रहा है। जासूसी की रिपोर्ट एक सप्ताह में हाईकमान को सौंपने को कहा गया है।
जासूसी प्वाइंट भी किए निर्धारित
मैनपुरी। हाईकमान द्वारा जासूसी के प्वाइंट भी तय किए गए हैं। चिन्हित नेताओं की सामाजिक छवि, गतिविधियां, कारोबार, परिवारीजनों की दलीय स्थिति, सामाजिक स्तर पर लगे आरोप, जमीन कब्जा, अवैध कारोबार में प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष संलिप्तता पर जासूसी रिपोर्ट हाईकमान को देनी है।
पार्टी द्वारा जासूसी कराए जाने की जानकारी नहीं है। हाईकमान अपने स्तर से पार्टी हित में कोई भी निर्णय ले सकता है। वैसे भी हाईकमान द्वारा पार्टी के प्रति निष्ठा, स्वच्छ छवि ही पार्टी की वरीयता है।
खुमान सिंह वर्मा, जिलाध्यक्ष, सपा