साधन सहकारी समिति समान के सचिव और लेखाकार की मिलीभगत से गजपुरा के 10 किसानों के नाम से खाते खोलकर फर्जी तरीके से फसली, खाद, बीज के लिए चार लाख का लोन लेने का मामला सामने आया है। किसानों को बकाया सूची चस्पा होने पर मामले की जानकारी हुई तो उनमें हड़कंप मच गया। पीड़ित किसानों ने मामले में कार्रवाई नहीं होने पर सामूहिक रूप से डीएम कार्यालय पर आत्मदाह करने की चेतावनी दी है।
सहकारी समिति की सचिव विमलेश कुमारी पहले से ही चार लाख गबन के आरोप में निलंबित चल रही हैं। सहकारी समिति ने तीन दिन पहले बकाएदारों की सूची जारी की तो गजपुरा के किसानों को उनके नाम से लोन लिए जाने की जानकारी हुई। उनका कहना है कि उन्होंने कोई लोन नहीं लिया है। उनके नाम से खाते खोलकर फर्जी तरीके से लोन निकाला गया है। वह आर्थिक रूप से कमजोर हैं। लोन का भुगतान नहीं कर पाएंगे। लोन अदा न होने पर उनकी जमीनें तक जा सकती हैं।
किसानों ने जब समिति पर जाकर पता किया तो वहां मौजूद कर्मचारियोें ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया। पीड़ितों का आरोप है कि समिति के अध्यक्ष ने भी उनकी बात नहीं सुनी। किसानों ने शिकायत पर सुनवाई और कार्रवाई नहीं होने पर डीएम कार्यालय पर आत्मदाह करने की धमकी दी है। सचिव विमलेश से संपर्क करने पर उनका मोबाइल कई बार बंद ही मिला। प्रभारी सचिव रामकिशोर पांडेय का कहना है कि बकाया सूची जारी होने के बाद मामला सामने आया है। उन्होंने अधिकारियों को जानकारी दे दी है।
प्रबलप्रताप 22 हजार
नागेंद्र सिंह 53 हजार
चंद्रपाल 32 हजार
कुशलपाल 32 हजार
राजपाल 43 हजार
रामपाल 31 हजार
अमर सिंह 48 हजार
रामलखन 40 हजार
श्रीपाल 65 हजार
रामऔतार 42 हजार
-सभी किसान गजपुरा गांव के रहने वाले हैं।
साधन सहकारी समिति समान में खाते खोलकर लोन निकाले जाने की जानकारी अथवा शिकायत अभी तक नहीं मिली है। मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में दोषी पाए गए कर्मचारी तथा अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
चंद्रपाल सिंह, जिलाधिकारी