भोगांव। बाबा रामदेव ने कहा कि अच्छी शिक्षा और संस्कृति आज भी समाज को प्रेरित कर रही है। ऐसी परंपरा केवल शिक्षा का माध्यम नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति, वेद, उपनिषद, योग आध्यात्मिक ज्ञान की धरोहर है। संतों ने वेदों और शास्त्रों के ज्ञान को आमजन तक पहुंचाने का कार्य किया है। बाबा रामदेव रविवार को रसूलाबाद स्थित सेंट एसआरआरडी सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रशासनिक भवन का लोकार्पण के बाद बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि भारत में शिक्षा के बिना विकास असंभव है। भारतीय शिक्षा बोर्ड एक ऐसा बोर्ड है जिसके माध्यम से बालक बालिकाओं को भारतीय संस्कृति, संस्कारवान बनाकर देश के विकास में अहम भूमिका निभा सकते हैं। सनातन धर्म शाश्वत है और सदैव बना रहेगा। उन्होंने कहा कि छात्रों को आज अपने इतिहास को पढ़ने की जरूरत है। उन्होंने भारतीय शिक्षा बोर्ड के संबंध में कहा कि विज्ञान पढ़ाने के साथ साथ हिंदी, संस्कृत जैसे विषय भी पढ़ाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य पूरे देश में लगभग पांच लाख स्कूल खोलने का है। उन्होंने मुलायम सिंह यादव को याद करते हुए कहा कि वह हिंदी प्रेमी थे। हिंदी की अलख जगाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। भारतीय शिक्षा बोर्ड के रिटायर चेयरमैन एनपी सिंह, डीएम अंजनी कुमार सिंह, एपी गणेश प्रसाद शाहा ने भी विचार व्यक्त किए। इससे पूर्व बाबा रामदेव एवं चेयरमैन ने प्रशासनिक भवन का लोकार्पण किया। एमएलसी अरविंद यादव, पूर्व एमएलसी अवधेश यादव, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सुमन यादव, विधायक रामनरेश अग्निहोत्री, चेयरमैन नेहा तिवारी, चेयरमैन प्रतिनिधि आशीष तिवारी, सच्चिदानन्द तिवारी मौजूद रहे। अध्यक्षता स्वामी सुमेदानंद ने की। संयोजक संजय यादव ने अतिथियों का स्वागत किया।
बाबा रामदेव ने एपस्टीन फाइल्स पर दी तीखी प्रतिक्रिया
भोगांव में आए बाबा रामदेव ने जहां एक तरफ बच्चों को शिक्षा के महत्व के बारे में बताया, वहीं उन्होंने एप्सटीन फाइल्स को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। बाबा रामदेव ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे देश में संस्कृति से परिपूर्ण और संस्कारवान बच्चे हैं, लेकिन वहीं अमेरिका की एपस्टीन फाइल्स की चर्चा है जिसमें एपस्टीन आईलैंड पर बिल गेट्स, बिल क्लिंटन और जॉर्ज बुश से लेकर कई राष्ट्राध्यक्ष दुराचार करने के लिए जाते थे, उसे एक दुराचार का अड्डा बना रखा था।