फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mainpuri News: शहीद अविनाश यादव की अंतिम यात्रा में उमड़ा देशभक्ति का सैलाब

Sun, 15 Mar 2026 11:43 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
विज्ञापन
फोटो 17 शहीद की पत्नी साधना पति के शव से उतारे गए तिरंगा को अपनी गोद में रखे हुए। संवाद
विज्ञापन
बेवर। जनपद के लाल सूबेदार अविनाश यादव जम्मू कश्मीर में सेना के ऑपरेशन मेघदूत के दौरान शहीद हो गए। रविवार को शहीद सूबेदार का शव गांव पहुंचा। यहां शहीद की अंतिम यात्रा में शामिल हजारों की भीड़ ने शहीद के जयकारे लगाए। पैतृक गांव करुआमई नगरिया में सैन्य सम्मान के साथ शहीद का अंतिम संस्कार किया गया।
विज्ञापन

क्षेत्र के गांव करुआमई नगरिया निवासी सेवानिवृत्त हवलदार गिरीश चंद्र का छोटा पुत्र अविनाश यादव मई 2003 में सेना में भर्ती हुए थे। वर्तमान में सियाचिन में उनकी तैनाती थी। यहां सेना के ऑपरेशन मेघदूत के दौरान आठ मार्च की देर शाम उनकी हालत बिगड़ गई। सेना के अधिकारियों के अनुसार उन्हें हार्टअटैक आया, जिसके चलते पहले उनका लेह स्थित अस्पताल में उपचार चला। सुधार न होने पर उन्हें मिलिट्री हॉस्पिटल चंडीगढ़ में भर्ती कराया गया। यहां उपचार के दौरान 13 मार्च को उनका निधन हो गया। जैसे ही यह दुखद सूचना उनके परिवार और गांव तक पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। रविवार की दोपहर जैसे ही सेना के जवान उनका पार्थिव शरीर लेकर पैतृक गांव पहुंचे। हजारों की संख्या में ग्रामीण, रिश्तेदार और आसपास के लोग अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। लोगों ने भारत माता की जय और शहीद अविनाश यादव अमर रहें के नारों के साथ उन्हें श्रद्धांजलि दी। सेना के जवानों ने शहीद के शव को सशस्त्र सलामी दी। बेटे कर्तव्य यादव ने शहीद के शव को मुखाग्नि दी।



जन प्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भी दी श्रद्धांजलि
शहीद सूबेदार अविनाश यादव के शव को गांव करुआमई नगरिया में आगरा से सेना के अधिकारी कैप्टन अनुभव सुमन और कैप्टन एसपी मन्हास के नेतृत्व में सेना की टुकड़ी लेकर पहुंची। यहां श्रद्धांजलि देने वालों में भोगांव से भाजपा विधायक रामनरेश अग्निहोत्री, जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह, एसपी गणेश प्रसाद साहा, सपा जिलाध्यक्ष आलोक शाक्य, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी ग्रुप कैप्टन आरके शर्मा, नरेंद्र यादव व सैनिक कल्याण बोर्ड का स्टाफ मौजूद रहा।
विज्ञापन


-
ऑपरेशन सिंदूर का हिस्सा भी रहे अविनाश यादव
सूबेदार अविनाश यादव अप्रैल 2025 में हुए पहलगाम हमले के बाद मई 2025 में भारतीय सेना द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर का भी हिस्सा रहे थे। भाई आलोक ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर में अविनाश यादव सेना के ज्वाइंट ऑपरेशन के सदस्य थे। आलोक के आंसू नहीं थम रहे थे बार-बार वह यही कह रहे थे कि भाई हमेशा कहता था कि देश हित के लिए कभी पीछे नहीं हटूंगा और वह अपने कर्तव्य का पालन करते हुए शहीद हो गया।
-
मां से किया था 20 मार्च को छुट्टी पर आने का वादा, पांच दिन पहले पहुंचा शव
शहीद अविनाश की पत्नी साधना अपनी बेटी अंशिका यादव और बेटा कर्तव्य यादव उर्फ कृष्णा के साथ वर्तमान में जयपुर में निवास करते हैं। साधना दोनों बच्चों की वहां पढ़ाई करा रही थी। दो फरवरी को बेटी का झांसी में बीईएमएस में एडमिशन कराने के लिए अविनाश अपने बड़े भाई आलोक के साथ झांसी पहुंचे थे। इसी दौरान मां बीना देवी से फोन पर बात हुई तो अविनाश ने कहा था कि वह 20 मार्च को छुट्टी पर घर आएंगे। ईश्वर को कुछ और ही मंजूर था दिए गए समय से पांच दिन पहले तिरंगे में लिपटकर अविनाश का शव गांव पहुंचा। मां बीना देवी बार-बार रो-रोकर यही कह रही थी कि बेटा तुम्हें तो 20 मार्च को घर आना था पांच दिन पहले कैसे आ गए।
-
बड़ा भाई भी सेना में
शहीद अविनाश के पिता गिरीश चंद्र भी सेना से हवलदार के रूप में सेवानिवृत्त हुए हैं। बड़ा भाई आलोक इस समय भारतीय सेना में नायब सूबेदार के रूप में कार्यरत है। पिता गिरीश चंद्र के एक तरफ जहां आंसू छलक रहे थे, वहीं किसी के पूछने पर वह गर्व से कहते थे कि मैंने देश की सेवा के लिए जीवन भर योगदान दिया। मैंने अपने दोनों बेटों को भी देश की सेवा में लगाया। देश की रक्षा करते हुए अविनाश शहीद हुआ है इस पर उन्हें गर्व है।

-
बेटी और बेटा बोले मौका मिला तो देश की करुंगा सेवा
शहीद अविनाश की बेटी वर्तमान में झांसी में बीएएमएस कर रही है वहीं बेटा कर्तव्य यादव 12वीं का छात्र है। बेटी और बेटा दोनों का कहना है कि देश हित में पिता शहीद हो गए हैं। देश की रक्षा के लिए यदि उन दोनों को भी मौका मिला तो वो भी देश सेवा करने के लिए तैयार हैं।

फोटो 17 शहीद की पत्नी साधना पति के शव से उतारे गए तिरंगा को अपनी गोद में रखे हुए। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें