रमजान से पहले नमाज अदा करने के लिए फिर विवाद हो गया। एएसपी की मौजूदगी में रविवार को शांति समिति की बैठक हुई। पिछले साल नमाज सत्तार के मकान में हुई थी। शिकायत के बाद नमाज खेत में अदा करने पर सहमति बनी थी। लेकिन इस बार फिर सत्तार ने नमाज अपने घर में अदा करने का प्रार्थना पत्र दिया यही नहीं उसने पुलिस पर जबरन समझौता करने का आरोप लगाया। तो वहीं इसके विरोध में रविवार को व्यापारियों ने बाजार बंद रखा।
उल्लेखनीय है कि गत वर्ष रमजान पर अब्दुल सत्तार के मकान में अचानक कई लोग नमाज अदा करने लगे। इसकी लोगों ने थाने में शिकायत की। पुलिस ने सत्तार से नई परंपरा न डालने की बात की। इसके बाद मुस्लिम समाज के लोगों ने थाने में प्रदर्शन किया था। पुलिस के कड़े रुख को देख सत्तार ने मकान के स्थान पर गांव से बाहर एक खेत में नमाज पढ़ने की अनुमति मांगी। थाना पुलिस और तत्कालिक उपजिलाधिकारी किशनी गजेंद्र कुमार ने दोनों समुदायों के बीच बनी सहमति के आधार पर इसकी अनुमति दे दी। साथ ही कहा कि भविष्य में नमाज पास के गांवों में स्थित मस्जिदों में हो होगी। सात जून से रमजान शुरू हो रहे हैं। इसके चलते सत्तार ने इस बार उसी खेत में नमाज अदा करने की अनुमति देने का प्रार्थना पत्र डीएम को दिया जहां पिछली बार कुछ दिनों के लिए नमाज अदा की गई थी। डीएम लोकेश एम के आदेश पर एडीएम सूर्यमणि लाल चंद्र और एसडीएम गजेंद्र कुमार ने शुक्रवार को किशनी थाने में दोनों समुदाय के लोगों को बुलाकर पीस मीटिंग कराई। इसमें सत्तार ने कहा था कि वह कोई नई परंपरा शुरू नहीं करेगा और जटपुरा या अन्य मस्जिदों में नमाज पढ़ी जाएगी। शनिवार को सत्तार ने डीएम को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि थाने में उससे जबरन समझौता कराया गया। इस पर डीएम ने दोनों पक्षों में एक बार फिर बैठक कराने को कहा।
बैठक की सूचना पर सैकड़ों लोग तहसील परिसर में पहुंचे। उन्होंने दोनों समुदायों के पांच पांच लोगों को तहसील कार्यालय में बुलाया। एएसपी दिगंबर कुशवाहा ने जांच के बाद सत्तार को फटकार लगाई। साथ ही उसे पांच लाख के निजी मुचलका भरने पर ही छोड़ने के आदेश दिए। इससे पूर्व उन्होंने सत्तार से अकेले में बात की। इस मौके पर क्षेत्रीय विधायक ब्रजेश कठेरिया ,जिला पंचायत सदस्य विपिनराज चेयरमैन जेसीराम यादव, सुधीर गुप्ता, प्रदीप चौहान, आदेश गुप्ता, रमाकांत मिश्र आदि मौजूद थे।