मेडिकल कॉलेज सैफई में अब शिवानी की हालत खतरे से बाहर है। लेकिन शुक्रवार को जैसे ही वह होश में आई तो उसे अपने कलेजे के टुकड़ों की मौत की खबर मिली। जिसे सुनकर शिवानी एक बार फिर बेहोश हो गई। परिजन घबरा गए, चिकित्सक को बुलाया गया। कुछ देर बाद वह फिर होश में आई और बच्चों को याद कर चीखने लगी।
किसी तरह से परिजन ने उसे ढांढस बंधाया। लेकिन मां है चुप होने का नाम ही नहीं ले रही थी। चीख-चीख कर कह रही थी कि उसके अपने हाथों से ही बच्चों को मौत परोस दी। बच्चों की जगह भगवान उसकी जान ले लेता। बच्चों को हमेशा के लिए खोने के बाद आंसुओं की धार मां शिवानी की आंखों से बहे जा रही है।
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सवाल अब भी बरकरार
दो मासूम बच्चों की मौत और मां शिवानी की हालत बिगड़ने की वजह घर में बनी मूंग दाल की खिचड़ी बताई जा रही है। लेकिन, खिचड़ी जानलेवा कैसे हो गई। उसमें जहर कहां से आ गया। दाल चावल में किसी खराबी के कारण बच्चे और महिला डायरिया से ग्रस्त हो गए। या फिर किसी और तरह से खिचड़ी तक जहर पहुंचा। संभवत: महिला के इलाज के बाद शरीर में मौजूद वह तत्व भी नष्ट हो चुका होगा। जिस कारण से महिला व बच्चों की हालत बिगड़ी थी। वहीं परिजन बच्चों का भी अंतिम संस्कार कर चुके हैं। उनका पोस्टमॉर्टम भी नहीं कराया गया।