मैनपुरी। एक बार फिर आए भूकंप के झटकों ने लोगों में खलबली मचा दी। लोग घरों से बाहर आए गए और आपस में चर्चा करने लगे। सरकारी कार्यालयों से कर्मचारी और अधिकारी भी बाहर निकल आए। स्कूल-कालेजों में भी छात्र-छात्राएं और शिक्षक क्लास रूम से बाहर आ गए। भूकंप के झटकों से कुछ मकानों में दरारें आनी की सूचनाएं मिली हैं।
25 अप्रैल को आए भूकंप को लोग भूले भी नहीं थे कि एक बार फिर मंगलवार को दोपहर करीब 12:38 बजे धरती हिली तो लोग घबरा गए। पहले झटके बाद आए दूसरे झटके ने लोगों को हिला दिया। घरों में रखे मेज-कुर्सी आदि हिले तो लोगों में खलबली सी मच गई। भूकंप के झटके लगते ही लोग घरों से बाहर आ गए। मोहल्लों में लोग खुले स्थान पर एकत्रित होकर भूकंप की चर्चा करते हुए काफी देर तक खड़े रहे। काफी देर तक इंतजार करने के बाद ही लोग घरों में वापस गए।
उधर भूकंप के झटके से बच्चों को लेकर चिंतित अभिभावक स्कूल-कालेजों की ओर दौड़ लिए। छात्र-छात्राएं और शिक्षक क्लास रूम से बाहर की और भागने लगे। कुछ देर बाद अधिकांश स्कूलों में छुट्टी कर दी गई। देवपुरा के राहुल ने बताया कि वह आराम से बेड पर लेटे थे। अचानक बेड हिला और जब तक वह कुछ समझते तब तक दोबारा जोर से बेड हिला तो उन्हें अहसास हुआ कि भूकंप आया है। आवास विकास कालोनी की गृहणी सुषमा ने बताया कि वह किचिन में काम कर रहीं थीं अचानक बर्तन हिलने लगे। वह घर से बाहर आईं तो मोहल्ले के लोग भी बाहर नजर आए। काफी देर तक लोग घरों से बाहर ही रहे।
स्कूल और मकानों में आई दरारें
भूकंप के झटकों से शहर के सेंट मेरी स्कूल में दरारें आ गईं। किशनी के शास्त्री किसान सेवा केंद्र भी कई स्थानों से चटक गया। ग्राम हिरौली निवासी कृष्णपाल सिंह तोमर, कूड़ी के शिवकुमार यादव, सहारा क्षेत्र के ग्राम कुंजलपुर के बाबूराम लोधी और उनके समीप ही रहने वाले रामसेवक के मकान में भी दरारें आ गईं। लोगों का कहना था कि भूकंप का दूसरा झटका जोर का था।
महाविद्यालय में चल रही परीक्षा में अफरा-तफरी
बेवर। जीएसएम महाविद्यालय में चल रही बीए प्रथम वर्ष के समाजशास्त्र द्वितीय प्रश्नपत्र के परीक्षार्थियों में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। 11 बजे से दो बजे की पाली में चल रहे पेपर के दौरान भूकंप के झटके आने पर परीक्षार्थी बाहर की ओर भाग लिए। इससे करीब पांच मिनट तक परीक्षा बाधित रही।
सड़क पर जमा हुए लोग
करहल/किशनी। भूकंप के झटके आते ही लोग घरों से बाहर आ गए। तहसील कर्मी और वकील भी तहसील भवन से निकलकर सड़क पर जमा हो गए। लोग यही चर्चा कर रहे थे कि 25 अप्रैल को भूकंप आया था और फिर भूकंप आ गया। स्कूल-कालेजों से छात्र-छात्राएं बाहर आकर खुले में खड़े हो गए। किशनी में लोग घरों से बाहर आ गए। तहसील और ब्लाक के कर्मचारी-अधिकारी भी बाहर आ गए। सभी भूकंप की ही चर्चा करते नजर आए।