थाना करहल क्षेत्र में बीते माह गोली मारकर एक बाइक सवार की हत्या और दूसरे को घायल करने की घटना की साजिश असरोही में चौहरे हत्याकांड में शामिल एटा जेल से पैरोल पर आए जर्मन ने ही रची थी। अमर उजाला में 11 दिसंबर के अंक में छपी खबर के बाद पुलिस ने इस दिशा में जांच की तो तीन सुपारी किलर के नाम सामने आए। पुलिस ने सोमवार को एक आरोपी को गिरफ्तार भी किया है। जर्मन ने हत्या के बाद चौहरे हत्याकांड के गवाहों को फंसाने की योजना बनाई थी। दबंगई दमन दल की टीम ने खुलासा कर एक बड़ी सफलता हासिल की है।
उल्लेखनीय है कि 27 नवंबर की शाम बझेरा पुल पर गांव मनौना निवासी दरोगा उर्फ थानेदार साथी मलखान के साथ असरोही में हुए चौहरे हत्याकांड के आरोपी भाई से मिलकर घर लौट रहा था। तभी हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दोनों को घायल कर दिया था। सैफई में दरोगा की मौत हो गई थी। वहीं मलखान का उपचार अभी भी चल रहा है।
इस घटना के बाद असरोही में वर्ष 2014 में हुए चौहरे हत्याकांड के पांच आरोपियों सहित छह के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। गवाह चरन सिंह, महेश, सुनील प्रकाश, देवराज, शिवनरेश सहित छोटे को नामित किया गया था। अमर उजाला ने 11 दिसंबर के अंक में असरोही हत्याकांड के आरोपी जर्मन के एटा जेल से पैरोल पर छूटने के बाद साजिश रचने का खुलासा किया था। दबंगई दमन दल प्रभारी आरएन यादव ने जब इस दिशा में जांच की दो शातिर सुपारी किलर निहाल सिंह, हमवीर पहलवान निवासी गांव नगला गजू थाना एका फीरोजाबाद और छोटू नगला खुशाल का नाम सामने आया।
सूत्रों के मुताबिक सोमवार रात दबंगई दमन दल प्रभारी ने एक सुपारी किलर निहाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि योजना जर्मन ने बनाई थी। पहले वो चार पहिया वाहन से टक्कर मारना चाहते थे लेकिन ऐन वक्त पर प्लान बदलना पड़ा फिर उन्होंने एक काली अपाचे पर सवार होकर घटना को अंजाम दिया। हालांकि उनका टारगेट दरोगा नहीं बल्कि पीछे बैठा मलखान था। इस पूरे मामले में अभी अधिकारी भी कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं।
साजिश रचने वाला है अब्बा का ससुर
हत्याकांड की साजिश रचने वाला जर्मन चौहरे हत्याकांड के मुख्य आरोपी अब्बा का ससुर है। दरोगा की हत्या के मामले में जो नाम प्रकाश में आए हैं उनमें छोटू अब्बा के चाचा का बेटा है। पुलिस अन्य दो की तलाश में जुटी है।