फोटो 26 कान्हा गोशाला का निरीक्षण करते एसडीएम किशनी। संवाद
मैनपुरी। गोचर भूमि चारा योजना के तहत जिले में करीब 35 हेक्टेयर भूमि में हरा चारा उत्पादन के लिए शासन की ओर से बजट जारी किया गया है। पशुपालन विभाग की ओर से संबंधित गोशालाओं की देखरेख कर रहे प्रधान और सचिव को सात लाख रुपये से ज्यादा का बजट भेज दिया गया है। इससे वह गोशाला से संबंधित गोचर भूमि पर हरे चारे की बुवाई की जाएगी। उत्तर प्रदेश चारा नीति वर्ष 2025-26 के तहत गो आश्रय स्थल और गोचर भूमि पर पौष्टिक हरा चारा उगाने की योजना है। इसके लिए 22000 रुपये तक का अनुदान और निशुल्क बीज, जड़ें प्रदान की जा रही हैं। जिसका उद्देश्य गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। ऐसे में गोशाला में मौजूद गोवंश के लिए पहली बार हरा चारा बोने के लिए शासन की ओर से बजट जारी किया गया है। इससे पहले गोशाला से संबंधित प्रधान व सचिव ग्राम पंचायत में मौजूद आय के स्तरों से हरे चारे की की बुवाई करते थे। लेकिन वहीं इस बार शासन की ओर से 22000 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से हरे चारे के लिए बजट जारी किया गया है। इस बजट को प्रधान गोशाला से लिंक गोचर भूमि पर हरे चारे की बुवाई, जुताई से संबंधित कार्य पर खर्च करेंगे। पशुपालन विभाग की ओर से जिले की 30 गोशाला में करीब 35 हेक्टेयर गोचर भूमि के लिए 772266 लाख रुपये प्रधानों को जारी किए गए हैं। इसमें बरनाहल 1, बेवर 5, करहल 5, कुरावली 2, मैनपुरी 4, घिरोर 2, किशनी 2, सुल्तानगंज 4 और जागीर की 5 गोशाला में बजट का आवंटन किया गया है। बता दें जिले में गोशाला से करीब 206 हेक्टेयर भूमि गोचर है। वहीं करीब इसमें से 81 हेक्टेयर पर हरे चारे का उत्पादन किया जाता है।
कान्हा गोशाला में नहीं हरा चारा : कुसमरा। नगर पंचायत स्थित कान्हा गोशाला का एसडीएम किशनी गोपाल शर्मा ने निरीक्षण किया। गोशाला में 179 गोवंश मिले लेकिन हरा चारा नहीं मिला।गोशाला की सुरक्षा और सेवा के लिए केयरटेकर तैनात हैं। स्टॉक में 65 कुंतल भूसा और लगभग 110 कुंतल दाना मिला। केयरटेकर ने बताया कि गोवंशों को निर्धारित समय पर पर्याप्त मात्रा में भूसा और दाना दिया जा रहा है। कुछ दिनों से हरे चारे की कमी है। हरे चारे की बुवाई कर दी गई है। दो तीन दिन में पशुओं को हरा चारा मिलना शुरू हो जाएगा।