मैनपुरी। कस्बे में एक मेडिकल स्टोर पर उपचार के बाद बालिका की मौत का मामला सामने आया है। बुखार से पीड़ित छह वर्षीय बालिका की मौत पर परिजन ने मेडिकल स्टोर पर हंगामा किया। जानकारी पर सीएमओ ने औषधि निरीक्षक के साथ जांच टीम को मौके पर भेजा। जांच टीम ने दुकान को सील कर दिया है। हालांकि परिजन ने बिना पोस्टमार्टम कराए ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया है।
गांव ढकरई निवासी अरविंद कुमार की छह वर्षीय पुत्री सृष्टि को दो दिन से बुखार आ रहा था। सोमवार की शाम हालत बिगड़ी तो परिजन उसे लेकर घिरोर के राहुल मेडिकल स्टोर पर पहुंचे। परिजन का आरोप है कि संचालक ने रात नौ बजे के करीब दुकान में भर्ती कर बालिका को उपचार दिया। बालिका की हालत बिगड़ने लगी तो संचालक ने फिरोजाबाद भेज दिया। रास्ते में उसकी मौत हो गई।
इसके बाद परिजन शव लेकर दुकान पर पहुंचे और गलत उपचार का आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग करने लगे। इस बीच संचालक दुकान बंद करके भाग गया। कुछ देर बाद स्थानीय लोगों के समझाने पर परिजन शव लेकर घर चले गए। बिना पोस्टमार्टम कराए ही मंगलवार की सुबह शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस बीच किसी ने मामले की जानकारी सीएमओ डाॅ. आरसी गुप्ता को दे दी। जानकारी होते ही सीएमओ ने झोलाछाप के नोडल अधिकारी डाॅ. आशुतोष कुमार और औषधि निरीक्षण दीपक कुमार को मौके पर भेजा। नोडल अधिकारी टीम के साथ घिरोर पहुंचे। यहां मेडिकल स्टोर को सील कर नोटिस थमा दिया। बिना डिग्री के मरीजों का इलाज करने पर एक सप्ताह के अंदर जवाब मांगा गया है।
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अवैध रूप से चल रहीं सात दुकानें सील, एक को नोटिस
घिरोर। क्षेत्र में बिना अवैध रूप से बिना पंजीकरण के संचालित होने वाले क्लीनिक और पैथोलाॅजी पर स्वास्थ्य विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है। मंगलवार को झोलाछाप के नोडल अधिकारी डाॅ. आशुतोष कुमार सिंह कस्बा पहुंचे। यहां उन्होंने मुस्तफा डेंटल क्लीनिक, मुकेश चंद्र, संतोष कुमार, पूजा एक्सरे सेंटर, खान क्लीनिक, यासीन क्लीनिक और गांव बिघरई में सुरजीत पैथोलाॅजी के संचालकों से पंजीकरण संबंधी अभिलेख मांगे। नोडल अधिकारी को संचालक अभिलेख नहीं दिखा सका। इस पर नोडल अधिकारी ने सभी दुकानों को सील कर दिया एक अन्य सुमित क्लीनिक के संचालक को नोटिस देकर पंजीकरण संबंधी अभिलेख मांगे गए हैं। संवाद